भारत की महत्वपूर्ण खनिजों की आयात निर्भरता: 100% आयात पर निर्भरता और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में विविधता की आवश्यकता
Critical Mineral Imports: तेल-गैस जितनी ही ये 5 चीजें भारत की जरूरत, 3 का 100% होता है इंपोर्ट, अमेरिका, चीन का टेढ़ा रुख डराने वाला
Nbt NavbharattimesImage: Nbt Navbharattimes
भारत की महत्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति मुख्य रूप से सीमित स्रोतों पर निर्भर है, जिसमें लिथियम, कोबाल्ट और निकिल के लिए 100% आयात शामिल है। चिली, फिनलैंड और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों से आयात पर निर्भरता ने भारत को आपूर्ति श्रृंखला में विविधता लाने की आवश्यकता को उजागर किया है।
- 01भारत लिथियम, कोबाल्ट और निकिल के लिए 100% आयात पर निर्भर है।
- 02चिली, फिनलैंड और ऑस्ट्रेलिया प्रमुख सप्लायर हैं।
- 03आपूर्ति श्रृंखला में विविधता लाने की आवश्यकता है।
- 04चीन और अन्य देशों की संरक्षणवादी नीतियों का असर।
- 05भारत ने अंतरराष्ट्रीय सहयोग के जरिए जोखिम कम करने के प्रयास किए हैं।
Advertisement
In-Article Ad
भारत की महत्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति में गंभीर निर्भरता है, जिसमें लिथियम, कोबाल्ट और निकिल के लिए 100% आयात शामिल है। 'इंस्टीट्यूट फॉर एनर्जी इकोनॉमिक्स एंड फाइनेंशियल एनालिसिस (IEEFA)' की रिपोर्ट में बताया गया है कि चिली, फिनलैंड और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों से आयात पर निर्भरता ने भारत को आपूर्ति श्रृंखला में विविधता लाने की आवश्यकता को उजागर किया है। चिली ने वित्त वर्ष 2018-19 से 2024-25 के बीच 2,800,000 टन खनिजों का आयात किया, जबकि फिनलैंड ने कोबाल्ट के लिए 60% सप्लाई की। इसके अलावा, ऑस्ट्रेलिया ने निकिल के लिए 65% की हिस्सेदारी रखी है। हाल के संरक्षणवादी नीतियों के कारण भारत को 'किसी एक सप्लायर पर अत्यधिक निर्भरता' का सामना करना पड़ रहा है, जिससे कीमतों में उतार-चढ़ाव और आपूर्ति में रुकावटें आ रही हैं। भारत ने इन चुनौतियों का सामना करने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग और कौशल विकास के माध्यम से अपने सप्लाई चेन को मजबूत करने के प्रयास किए हैं।
Advertisement
In-Article Ad
भारत की आयात निर्भरता से घरेलू उद्योगों पर दबाव बढ़ सकता है, जिससे कीमतों में वृद्धि और आपूर्ति में रुकावटें आ सकती हैं।
Advertisement
In-Article Ad
Reader Poll
क्या भारत को महत्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति श्रृंखला में विविधता लाने के लिए अधिक प्रयास करने चाहिए?
Connecting to poll...
मूल लेख पढ़ें
पूरी कहानी के लिए मूल स्रोत पर जाएं।


-1777635312350.webp&w=1200&q=75)

