बर्लिन में 21 साल बाद खुला विशाल गणेश मंदिर, श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़
इस मुल्क में गूंजा 'गणपति बप्पा मोरया', 21 साल बाद तैयार हुआ यूरोप का विशाल गणेश मंदिर; उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब
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जर्मनी के बर्लिन में भगवान गणेश को समर्पित एक भव्य मंदिर का उद्घाटन किया गया है। यह मंदिर 21 साल की मेहनत के बाद तैयार हुआ है और यूरोप के सबसे बड़े हिंदू मंदिरों में से एक बन गया है। श्रद्धालुओं ने यहां पारंपरिक खेल और संगीत का आनंद लिया।
- 01बर्लिन के न्यूकोल्न इलाके में स्थित इस मंदिर का शिखर 17 मीटर ऊंचा है।
- 02मंदिर का उद्घाटन समारोह 24 सितंबर 2005 को शुरू हुआ था और प्राण-प्रतिष्ठा 7 जून 2026 को होगी।
- 03यह मंदिर सभी हिंदू परंपराओं के भक्तों के लिए खुला है और यहां सुबह और शाम आरती का आयोजन किया जाएगा।
- 04मंदिर का संचालन 10 स्वयंसेवी बोर्ड सदस्यों और तीन पुजारियों द्वारा किया जा रहा है।
- 05मंदिर के उद्घाटन पर 5 दिवसीय महोत्सव मनाया गया, जिसमें भारतीय खेल मल्लखंब का प्रदर्शन भी हुआ।
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जर्मनी के बर्लिन में भगवान गणेश को समर्पित एक भव्य मंदिर का उद्घाटन किया गया है, जो 21 साल की मेहनत के बाद तैयार हुआ है। यह मंदिर बर्लिन के न्यूकोल्न इलाके में हासेनहाइड पार्क के किनारे स्थित है और इसका शिखर 17 मीटर ऊंचा है। उद्घाटन समारोह के दौरान श्रद्धालुओं ने गीत-संगीत के साथ आनंद मनाया और पारंपरिक भारतीय खेल मल्लखंब का प्रदर्शन किया। यह मंदिर सभी हिंदू परंपराओं के भक्तों के लिए खुला है, जिसमें वैष्णव, शैव और शाक्त शामिल हैं। मंदिर का संचालन 10 स्वयंसेवी बोर्ड सदस्यों और तीन पुजारियों द्वारा किया जा रहा है। इस मंदिर का पहला गोपुरम टावर 2015 में बना था, और अब यह यूरोप के सबसे बड़े हिंदू मंदिरों में से एक बन गया है।
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बर्लिन में हिंदू समुदाय के लिए एक महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल स्थापित हुआ है।
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