जम्मू-कश्मीर में दिव्यांग नाबालिग के यौन उत्पीड़न मामले में पुलिस अधिकारियों का निलंबन
जम्मू-कश्मीर में दिव्यांग नाबालिग से कुकर्म का मामला दबा रही थी पुलिस, थाना प्रभारी समेत 4 अधिकारी निलंबित

Image: Jagran
जम्मू-कश्मीर के रामगढ़ में दिव्यांग नाबालिग के यौन उत्पीड़न मामले में लापरवाही बरतने पर थाना प्रभारी समेत चार पुलिस अधिकारियों को निलंबित किया गया है। मामले को दबाने का आरोप लगाते हुए परिजनों ने न्याय की मांग की थी।
- 01रामगढ़ के थाना प्रभारी भूपेंद्र सिंह और तीन अन्य अधिकारियों को निलंबित किया गया है।
- 02पुलिस ने मामले को दबाने का प्रयास किया, जिससे पीड़ित की तबीयत बिगड़ गई।
- 0330 मई को पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया और तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया गया।
- 04पीड़ित को विजयपुर स्थित एम्स में भर्ती कराया गया था, जहां उसकी हालत में सुधार हुआ।
- 05बाल कल्याण समिति ने मामले में हस्तक्षेप किया और तत्काल कार्रवाई की मांग की।
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जम्मू-कश्मीर के रामगढ़ में एक मानसिक रूप से दिव्यांग बालक के यौन उत्पीड़न मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में थाना प्रभारी भूपेंद्र सिंह समेत चार पुलिस अधिकारियों को निलंबित किया गया है। यह मामला तब सामने आया जब पीड़ित के परिजनों ने पुलिस पर आरोप लगाया कि उन्होंने मामले को दबाने की कोशिश की। 30 मई को, उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक के हस्तक्षेप के बाद पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया और तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया गया। पीड़ित को पहले विजयपुर स्थित एम्स में भर्ती कराया गया था, जहां उसकी हालत में सुधार हुआ। बाल कल्याण समिति ने इस मामले में सक्रियता दिखाई और अधिकारियों ने मामले की गंभीरता को समझते हुए त्वरित कार्रवाई की। निलंबित अधिकारियों पर आरोप है कि उन्होंने आरोपितों की मदद की और मामले को रफा-दफा करने का प्रयास किया। जांच जारी है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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इस मामले से स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे हैं और न्याय की मांग करने वाले नागरिकों को उम्मीद है कि अब पुलिस अधिक जिम्मेदार बनेगी।
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