मध्यप्रदेश हाई कोर्ट ने पुलिस अधिकारी का निलंबन रद्द किया, कहा- कार्रवाई से पुलिस का मनोबल प्रभावित होगा
IAS के फार्म हाउस पर छापे की सजा! हाई कोर्ट ने पलटा TI का निलंबन, कहा-ऐसी कार्रवाई से पुलिस का मनोबल टूटेगा
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मध्यप्रदेश हाई कोर्ट ने मानपुर थाना प्रभारी लोकेंद्र सिंह हिहोरे का निलंबन रद्द कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि प्रतिशोधात्मक कार्रवाई से पुलिस अधिकारियों का मनोबल टूटेगा। यह मामला तब शुरू हुआ जब पुलिस ने आईएएस अधिकारी वंदना वैद्य के फार्म हाउस पर जुए के संचालन की सूचना पर छापा मारा था।
- 01हाई कोर्ट ने लोकेंद्र सिंह हिहोरे का निलंबन आदेश निरस्त किया।
- 02कोर्ट ने कार्रवाई को पक्षपातपूर्ण और असंगत बताया।
- 03पुलिस ने आईएएस अधिकारी के फार्म हाउस पर जुआ पकड़ा था।
- 04कोर्ट ने शासन की चुप्पी को गंभीर माना।
- 05निलंबन आदेश को गंभीर त्रुटियों से ग्रसित बताया।
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मध्यप्रदेश हाई कोर्ट ने मानपुर थाना प्रभारी लोकेंद्र सिंह हिहोरे के निलंबन आदेश को रद्द कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि यदि इस प्रकार की प्रतिशोधात्मक कार्रवाई की जाएगी, तो कोई भी पुलिस अधिकारी निष्पक्ष होकर कार्रवाई नहीं कर सकेगा। यह मामला तब शुरू हुआ जब मानपुर पुलिस ने 10 और 11 मार्च 2026 की रात आईएएस अधिकारी वंदना वैद्य के फार्म हाउस पर दबिश दी थी, जहां कुछ लोग जुआ खेलते हुए पकड़े गए थे। इस कार्रवाई के अगले दिन हिहोरे और दो सब इंस्पेक्टरों को निलंबित कर दिया गया था। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि शासन ने आरोपों का स्पष्ट जवाब नहीं दिया और यह भी माना कि हिहोरे ने विधिवत कार्रवाई की थी। अदालत ने यह भी कहा कि किसी अधिकारी को त्वरित और कानून सम्मत कार्रवाई करने पर दंडित करना निष्पक्ष पुलिसिंग के विपरीत है।
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इस निर्णय से पुलिस अधिकारियों को निष्पक्षता से कार्य करने का साहस मिलेगा, जिससे कानून व्यवस्था में सुधार हो सकता है।
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