बिहार में जीविका दीदियों ने 4 करोड़ से अधिक पौधे लगाए, रोजगार के नए अवसर
बिहार में जीविका दीदियों ने लगाए 4 करोड़ से अधिक पौधे, 987 नर्सरियों से मिल रहा रोजगार
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बिहार में जीविका दीदियों ने पिछले छह वर्षों में चार करोड़ से अधिक पौधे लगाए हैं, जिससे पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण योगदान मिल रहा है। 987 नर्सरियों के माध्यम से दीदियों को रोजगार के नए अवसर मिल रहे हैं, जो ग्रामीण विकास को भी बढ़ावा दे रहे हैं।
- 01चार करोड़ से अधिक पौधों का रोपण किया गया है।
- 02987 नर्सरियों के माध्यम से रोजगार के अवसर पैदा हुए हैं।
- 03पौधारोपण को बढ़ावा देने के लिए एक अनूठा उद्यम मॉडल विकसित किया गया है।
- 04दीदियों को प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।
- 05पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण आर्थिक विकास को बढ़ावा मिल रहा है।
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बिहार में जीविका दीदियों ने पिछले छह वर्षों में चार करोड़ से अधिक पौधे लगाए हैं, जो पर्यावरण संरक्षण में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका को दर्शाता है। ग्रामीण विकास विभाग के आंकड़ों के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2019 से 2024-25 तक राज्यभर में 987 नर्सरी विकसित की गई हैं, जिनमें 677 दीदियों की पौधशाला शामिल हैं। यह नर्सरी एक अनूठा उद्यम मॉडल बनकर उभरी है, जो कम लागत में पौधारोपण को तेजी से बढ़ावा दे रही है। इसके माध्यम से महिलाओं के लिए स्थिर और सतत आय का स्रोत तैयार किया गया है। दीदियों का चयन संकुल स्तरीय संघ के माध्यम से किया जाता है, और उन्हें पौधों की देखभाल के लिए प्रशिक्षण भी दिया जाता है। इस पहल से न केवल पर्यावरण संरक्षण हो रहा है, बल्कि ग्रामीण आर्थिक विकास को भी नई दिशा मिल रही है।
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इस पहल से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर उत्पन्न हो रहे हैं और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिल रहा है।
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