आगरा में 200 रुपये में बने दो फर्जी जाति प्रमाण पत्र, जांच शुरू
Agra: 200 रुपये में बन गए दो जाति प्रमाण पत्र, किरावली तहसील में बड़ा फर्जीवाड़ा; जांच में सामने आएगा सच
Amar UjalaImage: Amar Ujala
आगरा के किरावली तहसील में 200 रुपये में दो जाति प्रमाण पत्र बनाने का मामला सामने आया है। शिकायतकर्ता गनपति सिंह ने आरोप लगाया है कि बिना सुनवाई के उनके खिलाफ आदेश जारी किया गया। जांच के आदेश दिए गए हैं।
- 01शिकायतकर्ता गनपति सिंह ने फर्जी जाति प्रमाण पत्र बनाने का आरोप लगाया।
- 02दूसरे पक्ष के पक्ष में बिना सुनवाई के आदेश जारी किया गया।
- 03किरावली तहसील में पहले भी फर्जी प्रमाण पत्र बनाने का मामला उजागर हो चुका है।
- 04फर्जी प्रमाण पत्रों पर तहसीलदार के नकली हस्ताक्षर और मुहर लगे थे।
- 05उप जिलाधिकारी ने मामले की जांच का आश्वासन दिया है।
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आगरा, उत्तर प्रदेश के किरावली तहसील में 200 रुपये में दो फर्जी जाति प्रमाण पत्र बनाने का मामला सामने आया है। शिकायतकर्ता गनपति सिंह के अनुसार, 29 दिसंबर 2025 को उनके पक्ष में निर्णय हुआ था, लेकिन 31 दिसंबर को पोर्टल पर दूसरा आदेश अपलोड कर दिया गया। आरोप है कि बिना सुनवाई के वाद संख्या बदलकर प्रविष्टि दूसरे पक्ष के पक्ष में कर दी गई। इसी तरह, मथुरा जनपद के फरह ब्लॉक के निवासी कपिल ने शिकायत की है कि उसकी मां और चाची के नाम पर 200 रुपये लेकर फर्जी जाति प्रमाण पत्र तैयार किए गए थे। दोनों मामलों में संविदा कर्मचारियों की भूमिका पर सवाल उठाए जा रहे हैं। उप जिलाधिकारी किरावली, दिव्या सिंह ने बताया कि वह वर्तमान में अवकाश पर हैं, लेकिन मामले की जानकारी लेकर संबंधित अधिकारियों से जांच कराई जाएगी और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। यह घटना यह दर्शाती है कि तहसील परिसर में इस तरह की गतिविधियां संगठित तरीके से संचालित हो रही हैं।
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इस मामले से स्थानीय निवासियों में प्रशासन पर विश्वास कम हो सकता है और जाति प्रमाण पत्रों की वैधता पर सवाल उठ सकते हैं।
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