पुतिन ने भारत की स्वतंत्रता और तकनीकी कौशल की सराहना की
'भारत किसी के हुक्म पर नहीं चलता', दिल्ली के फैसलों पर व्लादिमीर पुतिन का बड़ा बयान, रूस से दोस्ती को बताया खास
Image: Nbt Navbharattimes
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारत की स्वतंत्र विदेश नीति और तकनीकी क्षमताओं की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि भारत ने कभी भी बाहरी आदेशों का पालन नहीं किया और रूस के साथ संबंधों को मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई।
- 01पुतिन ने भारत की स्वतंत्र विदेश नीति की सराहना करते हुए कहा कि भारत ने हमेशा बाहरी दबाव का विरोध किया है।
- 02रूसी राष्ट्रपति ने भारत के तकनीकी क्षेत्र में उसकी प्रतिभा और कामकाजी गुणवत्ता की प्रशंसा की।
- 03पुतिन ने भारत और रूस के संबंधों को भरोसे और भाईचारे पर आधारित बताया।
- 04उन्होंने भारत के साथ व्यापार को बढ़ाने की संभावना को 60 अरब डॉलर से 100 अरब डॉलर तक पहुंचाने की बात की।
- 05पुतिन ने अमेरिका के दबाव को बेकार बताते हुए कहा कि भारत अपने फैसलों में स्वतंत्र रहेगा।
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सेंट पीटर्सबर्ग में आयोजित सेंट पीटर्सबर्ग इंटरनेशनल इकोनॉमिक फोरम (SPIEF) में, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारत की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि भारत ने कभी भी विदेश से आए आदेशों का पालन नहीं किया और हमेशा स्वतंत्र विदेश नीति अपनाई है। पुतिन ने भारत की तकनीकी क्षमताओं, विशेषकर IT क्षेत्र में उसकी प्रतिभा की सराहना की। उन्होंने भारत और रूस के बीच संबंधों को भरोसे और भाईचारे पर आधारित बताया। पुतिन ने यह भी कहा कि भारत के साथ व्यापार को बढ़ाने की संभावनाएं हैं, जो वर्तमान में 60 अरब डॉलर हैं और 100 अरब डॉलर तक पहुंच सकती हैं। इसके अलावा, उन्होंने भारत पर पश्चिमी देशों के दबाव को बेकार बताते हुए कहा कि भारत अपने संप्रभुता के अधिकार को बनाए रखेगा।
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भारत के लिए रूस के साथ मजबूत संबंधों का मतलब है तकनीकी और व्यापारिक सहयोग में वृद्धि।
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