पहलगाम हमले की पहली बरसी: शुभम द्विवेदी के परिवार ने दी श्रद्धांजलि
Pahalgam Memorial: शुभम बिन सब बेकार! पत्नी और पिता के आंसुओं ने बयां किया पहलगाम हमले का जख्म
Jagran
Image: Jagran
पहलगाम में हुए आतंकी हमले की पहली बरसी पर शुभम द्विवेदी के परिवार ने गमगीन होकर अपनी भावनाएं व्यक्त कीं। पिता संजय द्विवेदी ने हमले के समय की यादों को साझा किया, जबकि पत्नी एशान्या ने भारतीय संस्कृति के प्रतीक सिंदूर का जिक्र किया। परिवार ने सेना के साहस को सलाम किया और दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि दी।
- 01पहलगाम में 22 अप्रैल 2022 को हुए आतंकी हमले में शुभम द्विवेदी की जान गई थी।
- 02परिवार ने हमले की पहली बरसी पर गमगीन होकर अपने अनुभव साझा किए।
- 03संजय द्विवेदी ने हमले के समय की भयावहता को याद किया।
- 04एशान्या ने सिंदूर को भारतीय संस्कृति का प्रतीक बताते हुए उसकी महत्ता को बताया।
- 05परिवार ने सेना के साहस को सलाम किया और दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि दी।
Advertisement
In-Article Ad
22 अप्रैल 2022 को पहलगाम, जम्मू और कश्मीर, भारत में हुए आतंकी हमले में शुभम द्विवेदी की जान गई थी। एक साल बाद, उनके परिवार ने इस दुखद घटना की याद में एक कार्यक्रम आयोजित किया। पिता संजय द्विवेदी ने उस दिन की भयावहता को याद करते हुए कहा कि वे और उनका परिवार बेबस थे, जबकि आतंकवादी बैसरन घाटी में निर्दयता से हमला कर रहे थे। उन्होंने कहा कि उस दिन की घड़ी ने उन्हें फिर से उस दर्दनाक पल की याद दिला दी। शुभम की पत्नी एशान्या ने भारतीय संस्कृति में सिंदूर के महत्व को बताते हुए कहा कि यह सुहाग का प्रतीक है और सेना के साहस का भी प्रतीक बन गया है। परिवार ने यह भी साझा किया कि जब सेना ने पाकिस्तान में आतंकवादी ठिकानों पर हमला किया, तब उन्हें थोड़ी तसल्ली मिली। कार्यक्रम में सभी ने दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि दी और सेना के साहस को सलाम किया।
Advertisement
In-Article Ad
इस घटना ने स्थानीय समुदाय में आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता और साहस का संचार किया है।
Advertisement
In-Article Ad
Reader Poll
क्या आपको लगता है कि आतंकवाद के खिलाफ सख्त कदम उठाने की आवश्यकता है?
Connecting to poll...
मूल लेख पढ़ें
पूरी कहानी के लिए मूल स्रोत पर जाएं।



