नेपाल का नया कस्टम सिस्टम: घंटों लंबी कतारें और दलालों का मुनाफा
नेपाल का नया कस्टम सिस्टम फेल? भारत के बॉर्डर पर घंटों लाइन में खड़ी गाड़ियां, दलाल कमा रहे मुनाफा

Image: Ndtv
नेपाल सरकार ने भारत से आने वाले वाहनों के लिए नई ऑनलाइन कस्टम व्यवस्था लागू की है, लेकिन यह व्यवस्था बैकफायर कर रही है। यात्रियों को 3 से 4 घंटे तक लाइन में खड़ा रहना पड़ रहा है, जिससे दलालों को मुनाफा हो रहा है।
- 01नई कस्टम व्यवस्था, 'टेम्परेरी इम्पोर्ट ऑफ व्हीकल (TIV)', के तहत वाहनों को ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराना होता है।
- 02यात्रियों को सीमा पर कस्टम प्रक्रिया पूरी करने के लिए 3 से 4 घंटे तक इंतजार करना पड़ रहा है।
- 03तकनीकी सहायता की कमी के कारण लोग दलालों की मदद ले रहे हैं, जो प्रति वाहन 200 से 500 रुपये तक वसूलते हैं।
- 04स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि डिजिटल व्यवस्था लागू करना अच्छा है, लेकिन बुनियादी ढांचे की कमी है।
- 05कस्टम कार्यालय के प्रमुख ने स्वीकार किया कि नई व्यवस्था के शुरुआती चरण में समस्याएं हैं।
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नेपाल सरकार ने भारत से आने वाले वाहनों के लिए नई ऑनलाइन कस्टम व्यवस्था, 'टेम्परेरी इम्पोर्ट ऑफ व्हीकल (TIV)', लागू की है। इस व्यवस्था के तहत भारतीय गाड़ियों को नेपाल में प्रवेश करने से पहले ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराना होता है और कस्टम टैक्स जमा करना होता है। हालांकि, यह व्यवस्था बैकफायर कर रही है, क्योंकि यात्रियों को सीमा पर कस्टम प्रक्रिया पूरी करने के लिए 3 से 4 घंटे तक लंबी कतारों में खड़ा रहना पड़ रहा है। तकनीकी सहायता की कमी के चलते लोग दलालों का सहारा ले रहे हैं, जो प्रति वाहन 200 से 500 रुपये तक वसूलते हैं। स्थानीय व्यापारियों का मानना है कि डिजिटल व्यवस्था एक सकारात्मक कदम है, लेकिन इसे लागू करने के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचे और जानकारी की कमी है। कस्टम कार्यालय के प्रमुख राजेन्द्र बस्नेत ने भी स्वीकार किया कि नई व्यवस्था के शुरुआती चरण में कुछ समस्याएं सामने आ रही हैं।
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नई कस्टम व्यवस्था के कारण यात्रियों को लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ रहा है, जिससे उनकी यात्रा में देरी हो रही है।
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