इंजीनियरिंग में नए ट्रेंड: CSE की जगह बढ़ रही है पारंपरिक ब्रांचों की मांग
इंजीनियरिंग में बदलता ट्रेंड: CSE का क्रेज अब कम, लोग पसंद कर रहें हैं ये नए कोर्स
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2026 की इंजीनियरिंग काउंसलिंग में छात्रों की पसंद में बदलाव आ रहा है। पहले कंप्यूटर साइंस और आईटी में रुचि अधिक थी, लेकिन अब सिविल, मैकेनिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग की ओर छात्रों का झुकाव बढ़ रहा है। नई तकनीकों के कारण उच्च स्तर के कौशल की आवश्यकता महसूस की जा रही है।
- 01छात्र अब पारंपरिक इंजीनियरिंग ब्रांचों की ओर लौट रहे हैं।
- 02आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और नई तकनीकों का बढ़ता प्रभाव।
- 03इंडस्ट्री में हाई लेवल स्किल्स की मांग बढ़ी है।
- 04मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में अवसर बढ़ रहे हैं।
- 05सिर्फ डिग्री नहीं, सही स्किल्स भविष्य तय करेंगी।
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इंजीनियरिंग में छात्रों की पसंद में बदलाव देखने को मिल रहा है। पहले जहां कंप्यूटर साइंस और आईटी सबसे लोकप्रिय थे, अब सिविल और मैकेनिकल इंजीनियरिंग में रुचि बढ़ रही है। नई तकनीकों, विशेषकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के प्रभाव के कारण, छात्रों को लगता है कि भविष्य में इन क्षेत्रों में अधिक अवसर मिलेंगे। विशेषज्ञों का कहना है कि अब इंडस्ट्री को उच्च स्तर के कौशल की आवश्यकता है, जिसमें मशीन लर्निंग और नई तकनीकों को समझना शामिल है। इलेक्ट्रिक व्हीकल, सोलर एनर्जी और ऑटोमेशन जैसे क्षेत्रों में तेजी से विकास हो रहा है, जिससे मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग की मांग बढ़ रही है। छात्रों को अब सिर्फ बुनियादी कौशल से संतोष नहीं करना चाहिए, बल्कि उन्हें प्रैक्टिकल काम और नई तकनीकों को समझने की आवश्यकता है।
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छात्रों को अब नए कौशल सीखने की आवश्यकता है, जिससे उनकी करियर संभावनाएं बेहतर हो सकेंगी।
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