सीयूईटी और बोर्ड रिजल्ट: 12वीं में 95% अंक, फिर भी सीयूईटी में असफल होने पर कॉलेज में एडमिशन की संभावनाएं
CUET vs Board Result: 12वीं में 95% मार्क्स लेकिन सीयूईटी में फेल? अब कॉलेज में एडमिशन मिलेगा या नहीं?
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12वीं कक्षा के छात्रों के लिए अब बोर्ड परीक्षा के अंक और सीयूईटी परीक्षा का प्रदर्शन दोनों महत्वपूर्ण हैं। अगर किसी छात्र ने बोर्ड में 95% अंक प्राप्त किए हैं लेकिन सीयूईटी में असफल रहे, तो उन्हें कॉलेज में प्रवेश में कठिनाई का सामना करना पड़ सकता है। छात्रों को दोनों परीक्षाओं पर समान ध्यान देने की आवश्यकता है।
- 01बोर्ड परीक्षा और सीयूईटी दोनों के अंक महत्वपूर्ण हैं।
- 02सीयूईटी में अच्छा प्रदर्शन कॉलेज में प्रवेश की कुंजी है।
- 03बोर्ड के अंक अब केवल योग्यता की शर्त बन गए हैं।
- 04छात्रों को दोनों परीक्षाओं के लिए एक संतुलित तैयारी करनी चाहिए।
- 05सीयूईटी ने कम अंक वाले छात्रों के लिए नई संभावनाएं खोली हैं।
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नई दिल्ली में 12वीं कक्षा के छात्रों के लिए बोर्ड परीक्षा और सीयूईटी (कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट) के परिणामों का महत्व बढ़ गया है। पहले, 98% या 99% अंक लाना दिल्ली विश्वविद्यालय जैसे संस्थानों में प्रवेश की गारंटी होती थी, लेकिन अब छात्रों को सीयूईटी में भी अच्छा प्रदर्शन करना आवश्यक है। यदि किसी छात्र ने बोर्ड में 95% अंक प्राप्त किए हैं लेकिन सीयूईटी में असफल रहे, तो उन्हें कॉलेज में प्रवेश में कठिनाई का सामना करना पड़ सकता है। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि दोनों परीक्षाओं का सिलेबस लगभग समान है, इसलिए छात्रों को अपनी पढ़ाई को एप्लीकेशन-बेस्ड बनाना चाहिए। वर्तमान में, बोर्ड के अंक केवल एक योग्यता मानदंड बन गए हैं, जबकि फाइनल चयन सीयूईटी के परिणामों पर निर्भर करता है। छात्रों को समझना होगा कि बोर्ड परीक्षा उनकी बुनियादी समझ को परखती है, जबकि सीयूईटी उनकी योग्यता को।
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छात्रों को अब दोनों परीक्षाओं पर ध्यान केंद्रित करना होगा, जिससे उनकी कॉलेज में प्रवेश की संभावनाएं बढ़ेंगी।
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