मोरक्को में ईद के दिन कुर्बानी पर रोक, जानिए कारण
वो मुस्लिम देश, जहां आया भयंकर संकट और ईद के दिन लगानी पड़ गई थी कुर्बानी पर रोक, घर में घुसकर जब्त की गईं भेड़

Image: Zee News
मोरक्को ने 2025 में ईद उल अजहा के अवसर पर जानवरों की कुर्बानी पर रोक लगाई, जो सूखे और खाद्य संकट के कारण हुई। राजा मोहम्मद VI ने लोगों से कुर्बानी के बजाय इबादत और दान करने की अपील की।
- 01मोरक्को ने 2025 में ईद उल अजहा पर कुर्बानी पर रोक लगाई, जिससे जनता में गुस्सा फैला।
- 02राजा मोहम्मद VI ने सूखे के कारण कुर्बानी पर रोक लगाई और इबादत तथा दान करने का आग्रह किया।
- 03मोरक्को की 99 प्रतिशत आबादी इस्लाम धर्म को मानती है, जिससे धार्मिक बहस छिड़ गई।
- 04जलवायु परिवर्तन और बारिश की कमी के कारण मोरक्को में पशुधन की कमी और मांस की कीमतों में वृद्धि हुई।
- 05मोरक्को की अर्थव्यवस्था का एक बड़ा हिस्सा कृषि पर निर्भर है, जो सूखे से प्रभावित है।
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ईद उल अजहा, जिसे बकरीद भी कहा जाता है, इस्लाम का एक प्रमुख त्योहार है, जिसमें जानवरों की कुर्बानी दी जाती है। हाल ही में, मोरक्को ने 2025 में इस अवसर पर कुर्बानी पर रोक लगाई, जो देश में भीषण सूखे और खाद्य संकट के कारण हुआ। राजा मोहम्मद VI ने इस निर्णय के पीछे के कारणों को बताते हुए जनता से अपील की कि वे कुर्बानी के बजाय इबादत और दान करें। मोरक्को की 99 प्रतिशत जनसंख्या इस्लाम धर्म को मानती है, जिससे इस निर्णय पर धार्मिक बहस भी छिड़ गई। पिछले कुछ वर्षों से जलवायु परिवर्तन और बारिश की कमी के चलते मोरक्को में पशुधन में कमी आई है, जिससे मांस की कीमतों में भी वृद्धि हुई है। इस साल के लिए कोई ऐसा फरमान नहीं आया है, लेकिन सूखे की स्थिति ने लोगों को प्रभावित किया है।
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मोरक्को में सूखे के कारण खाद्य संकट और मांस की कीमतों में वृद्धि हुई है।
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