पुतिन ने भारत-रूस संबंधों पर दी स्पष्टता, पश्चिमी दबावों को किया खारिज
भारत-रूस की दोस्ती में विलेन कौन? पुतिन ने खोल दिया राज, PM मोदी को लेकर कही ये बात

Image: News 18 Hindi
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारत-रूस संबंधों की मजबूती की पुष्टि की और पश्चिमी देशों के दबावों को खारिज किया। उन्होंने भारत की आर्थिक वृद्धि की सराहना करते हुए कहा कि द्विपक्षीय व्यापार 100 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच सकता है। पुतिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नेतृत्व क्षमता की भी प्रशंसा की।
- 01पुतिन ने भारत-रूस संबंधों को अटूट बताते हुए पश्चिमी दबावों को विफल करार दिया।
- 02उन्होंने कहा कि भारत की आर्थिक वृद्धि दर प्रभावशाली है और यह मोदी के नेतृत्व का परिणाम है।
- 03पुतिन ने भारत के साथ द्विपक्षीय व्यापार को 100 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचाने की संभावना जताई।
- 04उन्होंने भारत के राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता देने की सराहना की।
- 05पुतिन ने यूक्रेन संकट को 'स्थानीय' मुद्दा मानते हुए ईरान के मुद्दे को वैश्विक बताया।
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रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारत-रूस संबंधों को लेकर एक महत्वपूर्ण बयान दिया है, जिसमें उन्होंने दोनों देशों के बीच की दोस्ती की सराहना की। पुतिन ने पश्चिमी देशों द्वारा भारत पर रूस के साथ संबंधों को सीमित करने के प्रयासों को पूरी तरह से विफल बताया। उन्होंने कहा कि भारत की आर्थिक वृद्धि दर विश्व में प्रभावशाली है और यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व का परिणाम है। पुतिन ने यह भी कहा कि द्विपक्षीय व्यापार 100 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचने की संभावना है। इसके अलावा, उन्होंने भारत के राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता देने की सराहना की और अमेरिका के साथ भारत के संबंधों को रूस के लिए असहज नहीं मानते हुए कहा कि भारत एक विश्वसनीय साझेदार है। यूक्रेन युद्ध के संदर्भ में, पुतिन ने इसे एक 'स्थानीय' मुद्दा बताया और ईरान के मुद्दे को वैश्विक महत्व का बताया।
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भारत-रूस के मजबूत संबंधों से भारत की आर्थिक स्थिति और वैश्विक स्थिरता पर सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
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