NEET UG 2026: परीक्षा में 'परसेंटाइल' का महत्व, 'परसेंटेज' से न हो चिंतित
NEET UG 2026: प्रश्नपत्र के स्तर से न डरें, सलेक्शन के लिए 'परसेंटेज' नहीं 'परसेंटाइल' है जरूरी
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NEET UG 2026 की परीक्षा 3 मई को होगी, जिसमें 180 प्रश्न पूछे जाएंगे। विशेषज्ञ देव शर्मा ने बताया कि प्रश्नपत्र का स्तर 'परसेंटाइल' पर असर नहीं डालता, केवल 'परसेंटेज' पर। छात्रों को कठिन प्रश्नों से डरने की आवश्यकता नहीं है।
- 01NEET UG 2026 परीक्षा 3 मई को होगी।
- 02प्रश्नपत्र का स्तर 'परसेंटाइल' को प्रभावित नहीं करता।
- 03जनरल/ईडब्ल्यूएस के लिए 50 और ओबीसी, एससी, एसटी के लिए 40 परसेंटाइल कटऑफ रहेगा।
- 04सभी प्रश्नों के अंक समान होंगे, चाहे वे कितने भी कठिन हों।
- 05छात्रों को समय प्रबंधन पर ध्यान देना चाहिए।
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NEET UG 2026 की परीक्षा 3 मई को आयोजित की जाएगी, जिसमें कुल 180 प्रश्न पूछे जाएंगे। विशेषज्ञ देव शर्मा के अनुसार, छात्रों को प्रश्नपत्र के स्तर को लेकर चिंतित होने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि यह केवल 'परसेंटेज' को प्रभावित करता है, जबकि चयन 'परसेंटाइल' के आधार पर होता है। जनरल और ईडब्ल्यूएस श्रेणी के लिए 50 परसेंटाइल और ओबीसी, एससी, एसटी के लिए 40 परसेंटाइल कटऑफ रहेगा। सभी प्रश्नों के अंक समान होंगे, चाहे वे कितने भी कठिन क्यों न हों। छात्रों को कठिन प्रश्नों से डरने की बजाय अधिकतम प्रश्नों को हल करने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। परीक्षा में बायोलॉजी से 90 प्रश्न और फिजिक्स व केमिस्ट्री से 45-45 प्रश्न पूछे जाएंगे।
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छात्रों को कठिन प्रश्नों से डरने की आवश्यकता नहीं है, जिससे वे अधिक आत्मविश्वास के साथ परीक्षा में भाग ले सकें।
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