एमएसएमई ने योगी सरकार से श्रमिक वेतन वृद्धि पर 6 शर्तें रखीं
'अब 8 घंटे से ज्यादा काम की मिले छूट' MSME ने योगी सरकार के सामने रखीं 6 शर्तें, वरना बढ़ जाएगी उत्पादों की लागत
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उत्तर प्रदेश में एमएसएमई ने योगी आदित्यनाथ सरकार के सामने श्रमिकों के वेतन में वृद्धि के खिलाफ 6 शर्तें रखी हैं। इनमें काम के घंटे बढ़ाने की छूट और उत्पादकता के आधार पर वेतन देने की मांग शामिल है। श्रमिकों के वेतन में 15% तक की वृद्धि हो सकती है, जिससे उत्पादों की लागत बढ़ने की आशंका है।
- 01एमएसएमई ने श्रमिक वेतन वृद्धि के खिलाफ 6 शर्तें रखी हैं।
- 02काम के घंटे बढ़ाने की छूट और उत्पादकता के आधार पर वेतन देने की मांग की गई है।
- 03मेरठ में श्रमिकों के वेतन में 15% तक की वृद्धि हो सकती है।
- 04उत्पादों की लागत में 2-3% की वृद्धि की आशंका है।
- 05सरकार से जीएसटी रिफंड और अन्य सहायता की मांग की गई है।
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उत्तर प्रदेश में औद्योगिक संगठनों ने श्रमिकों के वेतन में वृद्धि के खिलाफ योगी आदित्यनाथ सरकार के सामने 6 शर्तें रखी हैं। इन शर्तों में काम के घंटे बढ़ाने की छूट, उत्पादकता के आधार पर वेतन देने का नियम, और अनुपस्थिति के आधार पर वेतन का निर्धारण शामिल है। एमएसएमई के पदाधिकारियों का कहना है कि श्रमिकों की अनुपस्थिति और वेतन में बढ़ोतरी से उत्पादों की लागत में 2-3% की वृद्धि हो सकती है। मेरठ में श्रमिकों के वेतन में 15% तक की वृद्धि की जा रही है, जिससे औद्योगिक इकाइयों को आर्थिक दबाव का सामना करना पड़ सकता है। इसके अलावा, एमएसएमई ने सरकार से जीएसटी रिफंड और अन्य सहायता की मांग की है ताकि उद्योगों की वित्तीय स्थिति मजबूत हो सके।
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यदि वेतन में वृद्धि होती है, तो उत्पादों की लागत बढ़ सकती है, जिससे उपभोक्ताओं पर वित्तीय दबाव बढ़ सकता है।
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