भोपाल के 90 डिग्री ब्रिज मामले में निलंबित इंजीनियर्स की बहाली, जांच जारी
भोपाल के बहुचर्चित 90 डिग्री ब्रिज के मामले में सभी निलंबित इंजीनियर 10 माह बाद बहाल, मगर क्लीनचिट किसी को नहीं
Jagran
Image: Jagran
भोपाल, मध्य प्रदेश में 90 डिग्री ब्रिज मामले में सात इंजीनियर्स को 10 महीने बाद बहाल किया गया है, लेकिन किसी को क्लीनचिट नहीं मिली है। सरकार ने विभागीय जांच को शीघ्र पूरा करने का निर्णय लिया है और अनावश्यक रूप से लंबित जांचों के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी।
- 01सात इंजीनियर्स को 10 महीने बाद बहाल किया गया है, लेकिन जांच जारी है।
- 02दो इंजीनियर्स के खिलाफ पहले से ही विभागीय जांच चल रही है।
- 03अनावश्यक जांचों को लंबित रखने वाले अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
- 04ब्रिज का तीखा मोड़ 90 डिग्री नहीं, बल्कि 119 डिग्री था।
- 05मोड़ के रेडियस को 2 से 2.5 मीटर तक बढ़ाने का निर्णय लिया गया है।
Advertisement
In-Article Ad
भोपाल, मध्य प्रदेश में 90 डिग्री रेलवे ओवरब्रिज के मामले में सरकार ने सात इंजीनियर्स को 10 महीने बाद बहाल करने का निर्णय लिया है, लेकिन किसी को भी क्लीनचिट नहीं दी गई है। इस मामले में दो इंजीनियर्स के खिलाफ पहले से ही विभागीय जांच चल रही है, जबकि बाकी पांच के बारे में जल्द निर्णय लिया जाएगा। लोक निर्माण विभाग ने यह निर्णय लिया है कि अनावश्यक रूप से जांच को लंबित रखने वाले अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। यह कार्रवाई मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की नाराजगी के बाद की गई थी, जब प्रदेश सरकार की देशभर में बदनामी हुई थी। विभाग ने यह भी बताया कि ब्रिज का तीखा मोड़ 90 डिग्री नहीं, बल्कि 119 डिग्री था, और मोड़ के रेडियस को 2 से 2.5 मीटर तक बढ़ाने का निर्णय लिया गया है।
Advertisement
In-Article Ad
इस निर्णय से इंजीनियर्स की कार्यक्षमता में सुधार होगा और विभागीय जांचों की गति बढ़ेगी।
Advertisement
In-Article Ad
Reader Poll
क्या आपको लगता है कि इंजीनियर्स की बहाली से विभागीय जांच में तेजी आएगी?
Connecting to poll...
मूल लेख पढ़ें
पूरी कहानी के लिए मूल स्रोत पर जाएं।
-1778349638428.webp&w=1200&q=75)



