ट्रंप और नेतन्याहू के बीच ईरान पर तनावपूर्ण बातचीत
ट्रंप और नेतन्याहू के बीच क्यों हुई तू-तू, मैं-मैं? ईरान को लेकर फोन कॉल पर क्या-क्या हुआ?

Image: Zee News
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच ईरान पर बातचीत में मतभेद उभरकर सामने आए। नेतन्याहू ने ईरान पर हवाई हमले फिर से शुरू करने का समर्थन किया, जबकि ट्रंप ने डिप्लोमैसी को प्राथमिकता दी। दोनों नेताओं के बीच एक घंटे तक चली इस बातचीत ने तनाव को बढ़ा दिया।
- 01नेतन्याहू ने ईरान पर हवाई हमले फिर से शुरू करने की मांग की, जबकि ट्रंप ने डिप्लोमैसी को प्राथमिकता दी।
- 02ट्रंप ने बताया कि कतर और पाकिस्तान मध्यस्थता कर रहे हैं, और एक इंटेंट लेटर पर काम कर रहे हैं।
- 03नेतन्याहू ने ट्रंप की रणनीति पर असहमति जताते हुए हमलों में देरी को गलती बताया।
- 04नेतन्याहू ने ट्रंप से व्यक्तिगत रूप से मिलने की इच्छा जताई है।
- 05इस बातचीत से नेतन्याहू की चिंता बढ़ गई है कि पिछले समझौते सफल नहीं हुए।
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पश्चिम एशिया में ईरान के खिलाफ हमलों के संदर्भ में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच तनावपूर्ण बातचीत हुई। लगभग एक घंटे तक चली इस बातचीत में नेतन्याहू ने ईरान पर हवाई हमले फिर से शुरू करने की मांग की, जबकि ट्रंप ने डिप्लोमैसी को प्राथमिकता दी। ट्रंप ने बताया कि कतर और पाकिस्तान मध्यस्थता कर रहे हैं और एक इंटेंट लेटर पर काम कर रहे हैं, जिसके तहत अमेरिका और ईरान युद्ध समाप्त करने के लिए हस्ताक्षर करेंगे। इसके 30 दिन बाद शांति वार्ता शुरू होगी, जिसमें ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम और होर्मुज स्ट्रेट जैसे मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। हालांकि, नेतन्याहू ने ट्रंप की रणनीति पर असहमति जताते हुए कहा कि हमलों में देरी एक गलती थी। नेतन्याहू ने ट्रंप से व्यक्तिगत रूप से मिलने की इच्छा भी जताई है, क्योंकि उन्हें पिछले समझौतों की विफलता के कारण चिंता है।
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इस बातचीत से ईरान के खिलाफ इजरायल की रणनीति प्रभावित हो सकती है, जो क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति को बदल सकती है।
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