केदारनाथ में स्वास्थ्य विभाग की तत्परता से बची भक्तों की जान
केदारनाथ में 5 लाख की भीड़ के बीच 'देवदूत' बना स्वास्थ्य विभाग: बचाई भक्तों की जान
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उत्तराखंड के केदारनाथ धाम में पांच लाख श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावी कदम उठाए हैं। चिकित्सा शिविरों और डिजिटल ईसीजी मशीनों के माध्यम से, गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का समय पर इलाज किया गया, जिससे कई भक्तों की जान बचाई गई।
- 01केदारनाथ में अब तक करीब पांच लाख तीर्थयात्री पहुंचे हैं।
- 02स्वास्थ्य विभाग ने बावन हजार यात्रियों की स्वास्थ्य जांच की है।
- 03लगभग डेढ़ सौ गंभीर मरीजों को एम्बुलेंस द्वारा बड़े अस्पतालों में भेजा गया।
- 04स्वास्थ्य विभाग ने पहली बार डिजिटल ईसीजी मशीनों का बड़े स्तर पर इस्तेमाल किया।
- 05पिछले पांच-छह दिनों में दिल की बीमारी से जुड़े आठ गंभीर मामलों की पहचान की गई।
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उत्तराखंड के केदारनाथ धाम में श्रद्धालुओं की संख्या पांच लाख तक पहुंच चुकी है, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं पर भारी दबाव है। स्वास्थ्य विभाग ने इस चुनौती का सामना करने के लिए चिकित्सा शिविरों की स्थापना की है और अब तक बावन हजार यात्रियों की स्वास्थ्य जांच की जा चुकी है। यात्रियों को ऑक्सीजन की कमी और ठंड के कारण स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं वाले लगभग डेढ़ सौ मरीजों को एम्बुलेंस द्वारा बड़े अस्पतालों में भेजा गया है। इस बार, स्वास्थ्य विभाग ने डिजिटल ईसीजी मशीनों का उपयोग किया है, जिससे पिछले कुछ दिनों में दिल की बीमारी से जुड़े आठ गंभीर मामलों की पहचान की गई। विभाग की टीमें दिन-रात काम कर रही हैं ताकि सभी यात्रियों को सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित की जा सके।
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स्वास्थ्य विभाग की सक्रियता से यात्रियों को समय पर चिकित्सा सहायता मिल रही है, जिससे उनकी जानें बचाई जा रही हैं।
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