भारतीय सेना ने वायरल वीडियो पर जताई कड़ी आपत्ति, कहा- छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश
वायरल वीडियो पर भारतीय सेना की भारी आपत्ति; कहा- सेना की छवि खराब करने की हो रही सुनियोजित कोशिश

Image: Jagran
भारतीय सेना ने एक वायरल वीडियो पर कड़ा रुख अपनाया है, जिसमें पूर्व सैनिकों को दिखाया गया है। सेना ने कहा कि ये लोग अब सेना का हिस्सा नहीं हैं और वीडियो के माध्यम से उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। सेना ने नागरिकों से गलत सूचनाओं से बचने की अपील की है।
- 01वीडियो में दिख रहे चंदू चव्हाण, हरेंद्र यादव और पी नरेंद्र को अनुशासनहीनता के आरोप में बर्खास्त किया गया है।
- 02वीडियो में दिखने वाला चौथा व्यक्ति शंकर सिंह गुर्जर भगोड़ा है, जिसके खिलाफ कार्रवाई चल रही है।
- 03सेना ने वीडियो को 'झूठा' और 'भ्रामक' बताया है।
- 04प्रेस कांफ्रेंस में राज्यसभा सांसद मनोज झा और संजय सिंह ने पत्रकारों से बातचीत की थी।
- 05सेना ने नागरिकों से अफवाहों पर भरोसा न करने की अपील की है।
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भारतीय सेना ने एक वायरल वीडियो को लेकर कड़ा रुख अपनाया है, जिसमें कुछ पूर्व सैनिकों को दिखाया गया है। सेना ने स्पष्ट किया कि वीडियो में दिखाई दे रहे चंदू चव्हाण, हरेंद्र यादव और पी नरेंद्र को अनुशासनहीनता और गैर-सैनिक आचरण के आरोपों में पहले ही सेवा से बर्खास्त किया जा चुका है। इसके अलावा, वीडियो में दिख रहे चौथे व्यक्ति, शंकर सिंह गुर्जर, के खिलाफ सैन्य और सिविल अदालतों में कार्रवाई चल रही है। यह मामला दिल्ली के प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में आयोजित एक प्रेस कांफ्रेंस से जुड़ा है, जिसमें राज्यसभा सांसद मनोज झा और संजय सिंह ने पत्रकारों से बातचीत की। सेना ने इस वीडियो को 'झूठा' और 'भ्रामक' बताते हुए लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर भरोसा न करें। सेना ने कहा कि ये लोग जानबूझकर फर्जी सामग्री फैला रहे हैं ताकि अपने खिलाफ हुई कार्रवाई से ध्यान हटाया जा सके। बयान में नागरिकों से सतर्क रहने और गलत सूचनाओं से बचने की अपील की गई है।
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