दक्षिण कैरोलिना में अमर समझने वाले कैदी को फांसी की सजा से मिली राहत
खुद को अमर समझा था तो आदमी मार दिया... फांसी का भी नहीं था डर
Aaj Tak
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दक्षिण कैरोलिना, अमेरिका में एक कैदी, जॉन रिचर्ड वुड, ने अपनी मानसिक स्थिति के कारण फांसी की सजा से बचने में सफलता हासिल की है। अदालत ने उसे अमर मानने के भ्रम के चलते मृत्युदंड नहीं देने का निर्णय लिया, जबकि उसने 2000 में एक पुलिसकर्मी की हत्या की थी।
- 01जॉन रिचर्ड वुड ने खुद को अमर मानकर हत्या की थी।
- 02अदालत ने मानसिक बीमारी के कारण फांसी की सजा को खारिज किया।
- 03वुड की मानसिक स्थिति पर तीन विशेषज्ञों की राय ली गई।
- 04वुड को 2002 में पुलिसकर्मी की हत्या के लिए मौत की सजा सुनाई गई थी।
- 05इस फैसले की समीक्षा राज्य के सर्वोच्च न्यायालय द्वारा की जाएगी।
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दक्षिण कैरोलिना, अमेरिका में जॉन रिचर्ड वुड, जो खुद को अमर मानता है, को फांसी की सजा से राहत मिली है। उसने 2000 में पुलिसकर्मी एरिक निकोलसन की हत्या की थी, लेकिन अदालत ने उसकी मानसिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए फांसी की सजा को खारिज कर दिया। जज ग्रेस नी ने तीन मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों की राय के आधार पर पाया कि वुड तर्कसंगत रूप से संवाद करने में असमर्थ है और उसे अपने अपराधों की गंभीरता का सही ज्ञान नहीं है। वुड का मानना है कि वह पहले ही तीन बार मर चुका है और अगर उसे फांसी दी जाती है, तो वह फिर से जीवित हो जाएगा। यह मामला अब राज्य के सर्वोच्च न्यायालय में समीक्षा के लिए जाएगा।
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इस फैसले से मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दों को ध्यान में रखते हुए न्याय प्रणाली में बदलाव की संभावना है।
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