रूस का एडमिरल नखिमोव युद्धपोत 27 साल बाद समुद्र में लौटने को तैयार
27 साल बाद समंदर में लौटा रूस का 'यमराज', हाइपरसोनिक मिसाइलों से लैस 'महाविनाशक' से कांप उठा NATO
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रूस का शक्तिशाली युद्धपोत 'एडमिरल नखिमोव', जो 27 वर्षों तक ड्राई डॉक में रहा, अब समुद्री परीक्षणों से गुजर रहा है। यह युद्धपोत नए हाइपरसोनिक मिसाइलों से लैस है और नाटो के लिए एक बड़ी रणनीतिक चुनौती बन सकता है।
- 01एडमिरल नखिमोव युद्धपोत लगभग 27 वर्षों के बाद समुद्र में लौटने की तैयारी कर रहा है।
- 02यह युद्धपोत जिरकोन हाइपरसोनिक मिसाइलों, ओनिक्स और कालीब्र क्रूज मिसाइलों से लैस होगा।
- 03रूस की नौसेना की ताकत को बढ़ाने के लिए यह युद्धपोत महत्वपूर्ण है।
- 04नाटो के लिए यह युद्धपोत एक बड़ी रणनीतिक चुनौती साबित हो सकता है।
- 05इसकी पूर्ण परिचालन क्षमता 2027 से पहले संभव नहीं है।
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रूस का एडमिरल नखिमोव युद्धपोत, जो लगभग 27 वर्षों तक ड्राई डॉक में रहा, अब समुद्री परीक्षणों के अंतिम चरण में पहुंच गया है। यह परमाणु ऊर्जा से संचालित किरोव श्रेणी का एक विशाल क्रूजर है, जिसे नए हथियार प्रणालियों और आधुनिक तकनीकों से लैस किया गया है। विशेषज्ञों के अनुसार, यदि यह परीक्षण सफल होता है, तो यह रूस की नौसैनिक ताकत को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ा सकता है और वैश्विक शक्ति संतुलन पर असर डाल सकता है। एडमिरल नखिमोव में जिरकोन हाइपरसोनिक मिसाइलों के साथ-साथ ओनिक्स और कालीब्र क्रूज मिसाइलों की तैनाती की जाएगी, जिससे इसकी समुद्री मारक क्षमता में वृद्धि होगी। हालांकि, इसकी पूरी परिचालन क्षमता 2027 से पहले संभव नहीं है, और यह रूस की उत्तरी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
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एडमिरल नखिमोव की वापसी से रूस की नौसेना की ताकत में वृद्धि होगी, जो आर्कटिक क्षेत्र में रणनीतिक संतुलन को प्रभावित कर सकती है।
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