छत्तीसगढ़ के चंडी मंदिर में जंगली भालुओं की अद्भुत उपस्थिति से श्रद्धालुओं की भीड़
आस्था या चमत्कार! छत्तीसगढ़ के चंडी मंदिर में रोज आरती में शामिल होते हैं जंगली भालू, दर्शन के लिए उमड़ रही भारी भीड़
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छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के घूंचापाली गांव में स्थित मां चंडी मंदिर में एक परिवार के जंगली भालू रोजाना आरती में शामिल होते हैं। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ यहां मां चंडी का आशीर्वाद लेने और भालुओं को देखने के लिए उमड़ती है।
- 01मां चंडी मंदिर में रोजाना जंगली भालुओं का आना एक अद्भुत घटना है।
- 02भालुओं की सुरक्षा के लिए वन विभाग ने बैरिकेड्स लगाए हैं।
- 03मंदिर के पुजारी के अनुसार, भालुओं ने कभी श्रद्धालुओं को नुकसान नहीं पहुंचाया।
- 04मंदिर का इतिहास ढाई सौ साल पुराना है और इसे प्राकृतिक रूप से मां चंडी ने प्रकट किया।
- 05श्रद्धालुओं का मानना है कि यहां हर मन्नत पूरी होती है।
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छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के घूंचापाली गांव में स्थित मां चंडी मंदिर में एक जंगली भालू का परिवार हर शाम आरती में शामिल होता है, जिससे यह स्थान श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बन गया है। यहां रोजाना सैकड़ों लोग मां चंडी का आशीर्वाद लेने आते हैं। भालुओं की सुरक्षा के लिए वन विभाग ने बैरिकेड्स लगाए हैं, ताकि श्रद्धालुओं और भालुओं के बीच दूरी बनी रहे। मंदिर के पुजारी नीलकंठ चंद्राकर के अनुसार, इस मंदिर का इतिहास ढाई सौ साल पुराना है और मां चंडी की प्रतिमा प्राकृतिक है। श्रद्धालुओं का मानना है कि यहां दिल से मांगी गई हर मन्नत पूरी होती है। भालुओं ने अब तक किसी श्रद्धालु को नुकसान नहीं पहुंचाया है, जिससे उनकी उपस्थिति को लेकर लोगों में विश्वास और बढ़ गया है।
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मंदिर की लोकप्रियता बढ़ने से स्थानीय व्यवसायों को लाभ हो रहा है और क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा मिल रहा है।
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