बालेन शाह की सरकार के खिलाफ नेपाल में बढ़ रहा जन आक्रोश
ट्रंप बनने की गलती तो नहीं कर रहे बालेन शाह? नेपाल के लोगों पर कितनी भारी पड़ रही कस्टम ड्यूटी
Aaj Tak
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नेपाल में बालेन शाह के नेतृत्व वाली सरकार के खिलाफ असंतोष बढ़ रहा है, खासकर कस्टम ड्यूटी में वृद्धि के कारण। छात्रों और आम जनता ने सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया है, जिससे सवाल उठता है कि क्या बालेन शाह अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की तरह गलत कदम उठा रहे हैं।
- 01बालेन शाह की सरकार के खिलाफ जन आक्रोश बढ़ रहा है।
- 02कस्टम ड्यूटी में वृद्धि से आम लोगों पर आर्थिक बोझ बढ़ा है।
- 03छात्र संगठनों में नाराजगी चरम पर है।
- 04प्रदर्शनकारी गृहमंत्री सुदन गुरुंग के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
- 05सरकार स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा देने का तर्क दे रही है।
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नेपाल में बालेन शाह (नेपाल के प्रधानमंत्री) के नेतृत्व वाली सरकार के खिलाफ असंतोष तेजी से बढ़ रहा है। एक महीने से भी कम समय में, काठमांडू सहित कई शहरों में छात्र, राजनीतिक दल और आम लोग सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इसका मुख्य कारण सरकार द्वारा भारत से आने वाले सामान पर कस्टम ड्यूटी में वृद्धि है, जिससे रोजमर्रा के सामान की कीमतें बढ़ गई हैं। प्रदर्शनकारी इसे आम लोगों पर अतिरिक्त बोझ मानते हैं। छात्रों में भी नाराजगी है, क्योंकि सरकार बातचीत के बजाय दबाव की रणनीति अपना रही है। इसके अलावा, गृहमंत्री सुदन गुरुंग पर आय से अधिक संपत्ति के आरोपों से भी जनता में नाराजगी है। बालेन शाह की सरकार स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा देने का तर्क दे रही है, लेकिन सवाल यह है कि क्या नेपाल की अर्थव्यवस्था इस बदलाव को संभालने के लिए तैयार है।
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कस्टम ड्यूटी में वृद्धि से आम लोगों की जेब पर सीधा असर पड़ा है, जिससे रोजमर्रा की चीजों की कीमतें बढ़ गई हैं।
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