घर से बाहर निकलते समय पहले कौन सा कदम रखें: शुभ कार्यों के लिए नाड़ी विज्ञान का महत्व
लेफ्ट या राइट? शुभ काम के लिए जाते वक्त पहले कौन सा कदम घर से बाहर रखें
Aaj Tak
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किसी शुभ कार्य के लिए घर से निकलते समय पहले कौन सा कदम रखना चाहिए, यह नाड़ी विज्ञान पर निर्भर करता है। इड़ा और पिंगला नाड़ियों का संतुलन मानसिक स्थिति और ऊर्जा के लिए महत्वपूर्ण है। सही कदम उठाने के लिए, सुबह उठकर नथुने की जांच करें और उसी के अनुसार कदम बढ़ाएं।
- 01इड़ा नाड़ी को चंद्र नाड़ी कहा जाता है, जो बाएं भाग से गुजरती है और शांति व स्थिरता से जुड़ी है।
- 02पिंगला नाड़ी को सूर्य नाड़ी कहा जाता है, जो दाएं भाग से गुजरती है और ऊर्जा व सक्रियता का प्रतीक है।
- 03इड़ा और पिंगला नाड़ियों का संतुलन मानसिक शांति और स्वस्थ जीवन के लिए आवश्यक है।
- 04सुबह उठते ही नथुने की जांच करें, जिससे पता चलेगा कि कौन सी नाड़ी सक्रिय है।
- 05सक्रिय नाड़ी के अनुसार ही पहला कदम बाहर निकालना चाहिए।
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किसी महत्वपूर्ण कार्य के लिए घर से निकलने से पहले लोग अक्सर विभिन्न उपाय करते हैं। इनमें से एक महत्वपूर्ण उपाय है यह जानना कि पहले कौन सा कदम बाहर रखना चाहिए। नाड़ी विज्ञान के अनुसार, इड़ा और पिंगला नाड़ियां हमारे शरीर की ऊर्जा के दो महत्वपूर्ण पहलू हैं। इड़ा नाड़ी, जिसे चंद्र नाड़ी भी कहा जाता है, बाएं भाग से गुजरती है और शांति व स्थिरता से जुड़ी होती है। वहीं, पिंगला नाड़ी, जिसे सूर्य नाड़ी कहा जाता है, दाएं भाग से गुजरती है और ऊर्जा व सक्रियता का प्रतीक है। दोनों नाड़ियों का संतुलन मानसिक शांति और स्वस्थ जीवन के लिए आवश्यक है। सुबह उठते ही नथुने की जांच करके यह पता लगाया जा सकता है कि कौन सी नाड़ी सक्रिय है। यदि बाएं नथुने से सांस चल रही है, तो इड़ा नाड़ी सक्रिय है, और यदि दाएं नथुने से, तो पिंगला नाड़ी सक्रिय है। सक्रिय नाड़ी के अनुसार पहला कदम बाहर निकालना चाहिए, जिससे शुभ कार्यों की सफलता की संभावनाएं बढ़ती हैं।
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