भारत सरकार गिग वर्कर्स के लिए सोशल सिक्योरिटी योजना की तैयारी कर रही है
Gig Workers News: एक करोड़ लोगों को बड़ा गिफ्ट देने की तैयारी में सरकार, 22 जून की डेट है काफी अहम
Image: Nbt Navbharattimes
भारत सरकार नए लेबर कोड के तहत गिग और प्लैटफॉर्म वर्कर्स को सोशल सिक्योरिटी प्रदान करने की योजना बना रही है। सभी ई-कॉमर्स प्लेटफार्मों को 22 जून तक अपने गिग वर्कर्स को ई-श्रम पोर्टल पर रजिस्टर करने का निर्देश दिया गया है। यह कदम एक करोड़ वर्कर्स को लाभ पहुंचाएगा और 2030 तक यह संख्या बढ़कर ढाई करोड़ तक पहुंच सकती है।
- 01गिग वर्कर्स के लिए सोशल सिक्योरिटी स्कीम्स तैयार करने में फंड मैनेजर्स की मदद ली जा रही है।
- 0222 जून की डेडलाइन सभी ई-कॉमर्स प्लेटफार्मों के लिए है ताकि वे अपने वर्कर्स को ई-श्रम पोर्टल पर रजिस्टर कर सकें।
- 03सोशल सिक्योरिटी कोड 8 मई को नोटिफाई किया गया था।
- 04नीति आयोग की रिपोर्ट के अनुसार, 2030 तक गिग वर्कर्स की संख्या ढाई करोड़ तक पहुंच सकती है।
- 05संयुक्त सचिव आशुतोष ए टी पेडनेकर ने FICCI-AIOE के कार्यक्रम में यह जानकारी साझा की।
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भारत सरकार नए लेबर कोड के तहत गिग और प्लैटफॉर्म वर्कर्स को सोशल सिक्योरिटी प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने सभी ई-कॉमर्स प्लेटफार्मों को निर्देश दिया है कि वे 22 जून तक अपने सभी गिग वर्कर्स को ई-श्रम पोर्टल पर रजिस्टर करें। इस पहल का उद्देश्य लगभग एक करोड़ गिग वर्कर्स को लाभ पहुंचाना है। संयुक्त सचिव आशुतोष ए टी पेडनेकर ने FICCI-AIOE द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि वर्कफोर्स से जुड़े आंकड़े एकत्र किए जा रहे हैं और फंड मैनेजर्स के सहयोग से सोशल सिक्योरिटी स्कीम्स तैयार की जा रही हैं। नीति आयोग की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि 2030 तक गिग वर्कर्स की संख्या बढ़कर ढाई करोड़ हो सकती है। यह योजना गिग वर्कर्स की सामाजिक सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण है और इससे उन्हें बेहतर सुरक्षा और लाभ मिल सकेगा।
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इस योजना से गिग वर्कर्स को सामाजिक सुरक्षा लाभ मिलेंगे, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार होगा।
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