साउथ सिनेमा की महानती सावित्री: सफलता से संघर्ष तक का सफर
साउथ की सबसे रईस एक्ट्रेस, इनकम टैक्स की छापेमारी में डूबी करोड़ों की संपत्ति, तंगहाली में गुजरे दिन, 19 दिन कोमा में रहने के बाद मौत
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साउथ सिनेमा की प्रसिद्ध अदाकारा सावित्री, जिन्होंने कम उम्र में सफलता हासिल की, बाद में संघर्ष और तंगहाली का सामना किया। इनकम टैक्स के छापों के बाद उनकी संपत्तियां जब्त हो गईं, और 19 महीने कोमा में रहने के बाद उनका निधन हो गया।
- 01सावित्री ने 1952 में फिल्म 'पेल्ली चेसी चूडू' से पहचान बनाई।
- 02उन्होंने 250 से अधिक फिल्मों में काम किया और साउथ सिनेमा की सबसे महंगी अदाकारा बनीं।
- 03उनका व्यक्तिगत जीवन विवादों से भरा रहा, विशेषकर जेमिनी गणेशन के साथ रिश्ते के कारण।
- 041970 के दशक में उनके करियर में गिरावट आई और इनकम टैक्स की कार्रवाई ने उनकी संपत्तियों को जब्त कर लिया।
- 051981 में 19 महीने कोमा में रहने के बाद उनका निधन हुआ।
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सावित्री, जिन्हें साउथ सिनेमा में महानती के नाम से जाना जाता है, ने 1952 में फिल्म 'पेल्ली चेसी चूडू' से अपने करियर की शुरुआत की। उन्होंने 50 और 60 के दशक में साउथ सिनेमा की सबसे महंगी अदाकारा बनने का गौरव हासिल किया, लेकिन उनके व्यक्तिगत जीवन में जेमिनी गणेशन के साथ विवादास्पद संबंधों ने उनके करियर को प्रभावित किया। 1970 के दशक में, उनकी फिल्मों की असफलता और इनकम टैक्स की कार्रवाई ने उन्हें तंगहाली में धकेल दिया। सावित्री को किराए के छोटे घर में रहना पड़ा और उन्होंने छोटे-छोटे रोल करके जीवन यापन किया। इस कठिनाई के दौर में शराब का सेवन उनकी सेहत को नुकसान पहुंचाने लगा। मई 1980 में बेहोश होने के बाद, वह 19 महीने तक कोमा में रहीं और अंततः 26 दिसंबर 1981 को उनका निधन हो गया। उनकी कहानी साउथ सिनेमा की चमक-दमक के पीछे की कड़वी सच्चाई को उजागर करती है।
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