दिल्ली HC की जस्टिस स्वर्णकांता ने केजरीवाल मामले में पीछे हटने से किया इनकार, बताईं 9 प्रमुख वजहें
दिल्ली HC की जस्टिस स्वर्णकांता केजरीवाल के केस से क्यों नहीं हटीं पीछे? बताईं 9 बड़ी वजह
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दिल्ली उच्च न्यायालय की जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा ने अरविंद केजरीवाल और अन्य के खिलाफ सीबीआई की अपील की सुनवाई से पीछे नहीं हटने का निर्णय लिया। उन्होंने अपने फैसले के पीछे 9 प्रमुख कारण बताए, जिनमें निष्पक्षता की धारणा, जजों के बच्चों के वकालत करने का अधिकार, और न्यायपालिका की स्वतंत्रता शामिल हैं।
- 01जस्टिस स्वर्णकांता ने निष्पक्षता की धारणा को खारिज नहीं किया जा सकता है।
- 02जजों के बच्चों को वकालत करने का मौलिक अधिकार है।
- 03जस्टिस ने कहा कि खुद को केस से अलग करना गलत मिसाल कायम करेगा।
- 04अरविंद केजरीवाल की दुविधापूर्ण स्थिति से न्यायपालिका प्रभावित नहीं हो सकती।
- 05जस्टिस ने कर्तव्य का त्याग नहीं करने की बात कही।
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दिल्ली उच्च न्यायालय की जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा ने सोमवार को एक घंटे लंबे आदेश में बताया कि वह दिल्ली शराब नीति मामले की सुनवाई से पीछे नहीं हटेंगी। उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल द्वारा लगाए गए आरोपों का जवाब देते हुए उन्होंने निष्पक्षता की धारणा को खारिज नहीं किया जा सकता। जस्टिस शर्मा ने यह भी स्पष्ट किया कि जजों के बच्चों को वकालत करने का मौलिक अधिकार है, और उन्हें इस मामले से अलग होना गलत मिसाल कायम करेगा। उन्होंने कहा कि केजरीवाल की दुविधापूर्ण स्थिति से न्यायपालिका प्रभावित नहीं हो सकती। जस्टिस ने यह भी बताया कि उनके आदेशों पर सुप्रीम कोर्ट ने कोई प्रतिकूल टिप्पणी नहीं की है और न्यायपालिका को सोशल मीडिया की बातों से प्रभावित नहीं होना चाहिए।
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