धर्म ध्यान और संयुक्त प्रार्थना का महत्व: पुजारी अशोक शर्मा की सलाह
परिवार का हर सदस्य धर्म ध्यान जरूर करें : पुजारी अशोक शर्मा
Amar Ujala
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जींद के महाराजा अग्रसेन मंदिर के पुजारी अशोक शर्मा ने परिवार के सदस्यों को धर्म ध्यान और संयुक्त प्रार्थना का महत्व बताया। उन्होंने कहा कि प्रार्थना में बड़ी ताकत होती है और यह मन की चिंता और थकावट को दूर करती है।
- 01धर्म ध्यान सभी परिवार के सदस्यों के लिए आवश्यक है।
- 02संयुक्त प्रार्थना से परिवार में तालमेल बढ़ता है।
- 03प्रार्थना दवा से अधिक प्रभावी हो सकती है।
- 04बड़ों को प्रणाम करना संस्कारवान जीवन का हिस्सा है।
- 05धर्म पर विश्वास रखने से मन की चिंता दूर होती है।
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जींद के महाराजा अग्रसेन मंदिर के पुजारी अशोक शर्मा ने परिवार के सदस्यों को सलाह दी है कि वे धर्म ध्यान अवश्य करें, चाहे वह माला के रूप में हो या तप और त्याग के रूप में। उन्होंने बताया कि परिवार को एकजुट रखने के लिए संयुक्त प्रार्थना आवश्यक है, क्योंकि प्रार्थना में अपार शक्ति होती है। उन्होंने कहा कि जो काम दवा से नहीं होता, वह दुआ से हो जाता है। धर्म और गुरु पर दृढ़ विश्वास रखने से मन की चिंता और थकावट दूर होती है। इसके साथ ही, बड़ों को प्रणाम करना भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह संस्कारवान जीवन का हिस्सा बनाता है।
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धर्म ध्यान और प्रार्थना से परिवारों में सामंजस्य और मानसिक शांति बढ़ सकती है।
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