मुजफ्फरपुर में बियाडा की 451 एकड़ भूमि पर उठे सवाल
मुजफ्फरपुर में जमीन का बड़ा खेल, बियाडा की 451 एकड़ पर उठे सवाल
Jagran
Image: Jagran
बिहार राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (बियाडा) ने 1975-86 के दौरान अधिग्रहित 451 एकड़ भूमि की खोजबीन शुरू की है, जिसका दाखिल खारिज नहीं किया गया था। भूमि की बिक्री के बाद अब बियाडा ने इसे रोक सूची में डालने का प्रस्ताव भेजा है, जिससे पहले से खरीदी गई भूमि पर संशय बना हुआ है।
- 01बियाडा ने 1975-86 में 451 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया था, लेकिन इसका दाखिल खारिज नहीं हुआ।
- 02भूमि की बिक्री के कारण अब बियाडा ने इसे रोक सूची में डालने का प्रस्ताव भेजा है।
- 03अधिग्रहण के 30 वर्ष बाद भी केवल 72 एकड़ भूमि का ही दाखिल खारिज हुआ है।
- 04भू-अर्जन कार्यालय में संबंधित कागजात के नष्ट होने की संभावना जताई जा रही है।
- 05बियाडा ने मुआवजा भुगतान से संबंधित साक्ष्य की कमी की बात कही है।
Advertisement
In-Article Ad
मुजफ्फरपुर में बिहार राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (बियाडा) द्वारा 1975-86 के दौरान अधिग्रहित 451 एकड़ भूमि पर सवाल उठ रहे हैं। इस भूमि का दाखिल खारिज नहीं होने के कारण बियाडा ने अब इसे रोक सूची में डालने का प्रस्ताव भेजा है। इससे पहले, सैकड़ों एकड़ भूमि की बिक्री हो चुकी है, जिससे अब यह स्पष्ट नहीं है कि पहले से खरीदी गई भूमि का क्या होगा। बियाडा ने केवल 72 एकड़ भूमि का ही दाखिल खारिज कराया है, जबकि अधिग्रहण की प्रक्रिया के दौरान कई कागजात नष्ट होने की संभावना भी जताई जा रही है। इस मामले में जिला भू-अर्जन कार्यालय में कुछ कागजात मौजूद होने की जानकारी है, जिनका अवलोकन किया जा रहा है। बियाडा ने मुआवजा भुगतान से संबंधित साक्ष्य की कमी की बात भी कही है, जिससे यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा है कि कितने रैयतों को मुआवजा मिला और कितनों को नहीं।
Advertisement
In-Article Ad
इस मामले से प्रभावित लोग जिनके पास पहले से खरीदी गई भूमि है, उन्हें अब अपनी संपत्ति की वैधता को लेकर चिंता हो रही है।
Advertisement
In-Article Ad
Reader Poll
क्या आपको लगता है कि भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया में सुधार की आवश्यकता है?
Connecting to poll...
मूल लेख पढ़ें
पूरी कहानी के लिए मूल स्रोत पर जाएं।




