आधार के ऑफलाइन सत्यापन के लिए 100 संस्थाएं तैयार, निजता को मिलेगा बढ़ावा
महज तीन महीने में आधार के ऑफलाइन सत्यापन के लिए 100 संस्थाएं तैयार
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भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण ने आधार के ऑफलाइन सत्यापन में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। तीन महीनों में 100 संस्थाएं इस प्रक्रिया के लिए तैयार हो गई हैं, जिससे उपयोगकर्ता अपनी जानकारी को नियंत्रित कर सकेंगे और डेटा सुरक्षा में सुधार होगा।
- 01आधार के ऑफलाइन सत्यापन के लिए 100 संस्थाएं तैयार हुई हैं।
- 02उपयोगकर्ता अपनी जानकारी साझा करने में अधिक नियंत्रण रख सकेंगे।
- 03यह प्रक्रिया डेटा सुरक्षा और गोपनीयता को बढ़ावा देगी।
- 04सत्यापन के लिए क्यूआर कोड और डिजिटल दस्तावेज़ का उपयोग होगा।
- 05इस पहल का उद्देश्य 'ईज ऑफ लिविंग' में सुधार करना है।
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भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने आधार के ऑफलाइन सत्यापन में एक महत्वपूर्ण बदलाव किया है, जिसके तहत अब उपयोगकर्ता अपनी निजी जानकारी को नियंत्रित कर सकेंगे। महज तीन महीनों में, 100 संस्थाएं इस ऑफलाइन सत्यापन प्रक्रिया के लिए तैयार हो गई हैं। इस प्रक्रिया के तहत, उपयोगकर्ता केवल आवश्यक जानकारी साझा कर सकेंगे, जिससे डेटा के दुरुपयोग को रोका जा सकेगा। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने बताया कि इन संस्थाओं में केंद्रीय और राज्य सरकारी विभाग, फिनटेक कंपनियां, आतिथ्य और इवेंट मैनेजमेंट कंपनियां शामिल हैं। ऑफलाइन सत्यापन के लिए क्यूआर कोड आधारित सत्यापन और डिजिटल रूप से हस्ताक्षरित दस्तावेजों का उपयोग किया जाएगा। यह पहल डेटा सुरक्षा और गोपनीयता के उच्च मानकों को बनाए रखने में मदद करेगी और 'ईज ऑफ लिविंग' में सुधार के उद्देश्य से की गई है।
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इस पहल से उपयोगकर्ताओं को अपनी निजी जानकारी पर अधिक नियंत्रण मिलेगा, जिससे डेटा सुरक्षा में सुधार होगा।
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