Anthropic का Project Glasswing: साइबर सुरक्षा के लिए AI आधारित पहल
Project Glasswing क्या है? जानिए Anthropic के नए साइबर सुरक्षा मिशन के बारे में

Image: News 18 Hindi
Anthropic ने Project Glasswing के दायरे को बढ़ाते हुए 15 देशों की सरकारी और निजी संस्थाओं को इसका एक्सेस दिया है। यह प्रोजेक्ट AI की मदद से सॉफ्टवेयर में सुरक्षा खामियों को तेजी से पहचानने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
- 01Project Glasswing का उद्देश्य सॉफ्टवेयर सुरक्षा खामियों को जल्दी पहचानना और उन्हें ठीक करना है।
- 02Claude Mythos Preview AI मॉडल ने 10,000 से अधिक सुरक्षा खामियों की पहचान की है।
- 03इस प्रोजेक्ट में Amazon, Apple, Microsoft, Google, Cisco, और JPMorgan Chase जैसी बड़ी कंपनियां शामिल हैं।
- 04प्रोजेक्ट का विस्तार अब भारत, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, फ्रांस, जर्मनी और इटली जैसे 15 देशों में किया गया है।
- 05AI आधारित सुरक्षा सिस्टम की मांग साइबर हमलों की बढ़ती घटनाओं के कारण तेजी से बढ़ रही है।
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Anthropic ने अपने साइबर सुरक्षा प्रोजेक्ट Project Glasswing का दायरा बढ़ाते हुए भारत समेत 15 देशों की चुनिंदा सरकारी और निजी संस्थाओं को इसका एक्सेस दिया है। यह प्रोजेक्ट AI की मदद से सॉफ्टवेयर में गंभीर सुरक्षा खामियों को तेजी से खोजने के लिए विकसित किया गया है। इसके तहत Claude Mythos Preview नाम का एक एडवांस AI मॉडल शामिल है, जो बड़ी मात्रा में कोड को स्कैन कर सकता है और सुरक्षा से जुड़ी कमजोरियों को मानवों की तुलना में तेजी से पहचान सकता है। इस प्रोजेक्ट में Amazon, Apple, Microsoft, Google, Cisco, और JPMorgan Chase जैसी प्रमुख कंपनियां भी शामिल हैं। अब तक Claude Mythos Preview ने 10,000 से अधिक सुरक्षा खामियों की पहचान की है। प्रोजेक्ट का उद्देश्य साइबर हमलों के बढ़ते खतरे के बीच सॉफ्टवेयर सुरक्षा को मजबूत करना है।
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Project Glasswing का विस्तार भारत में सरकारी और निजी संस्थाओं के लिए साइबर सुरक्षा को मजबूत करेगा।
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