मथुरा का केशव देव मंदिर: 5000 साल पुरानी आस्था का प्रतीक
मथुरा में बांके बिहारी के मंदिर तो सब जाते हैं, गए हैं कभी 5000 साल पुराने केशव देव मंदिर? भगवान कृष्ण के प्रपौत्र ने कराया था निर्माण
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मथुरा, उत्तर प्रदेश का केशव देव मंदिर, भगवान कृष्ण के प्रपौत्र वज्रनाभ द्वारा स्थापित किया गया था। यह मंदिर न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि भारतीय सांस्कृतिक विरासत का भी महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसकी स्थापना द्वापर युग से जुड़ी हुई है और यह आज भी करोड़ों श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है।
- 01केशव देव मंदिर का निर्माण भगवान कृष्ण के प्रपौत्र वज्रनाभ ने किया था।
- 02मंदिर का इतिहास द्वापर युग से जुड़ा है और कई बार इसका पुनर्निर्माण हुआ है।
- 031958 में मंदिर का आधुनिक रूप विकसित हुआ, जिसे हनुमान प्रसाद पोद्दार ने उद्घाटन किया।
- 04मंदिर में भगवान कृष्ण के 24 अवतारों के दर्शन विशेष अवसरों पर होते हैं।
- 05यह मंदिर भारतीय सांस्कृतिक विरासत का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
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मथुरा, उत्तर प्रदेश में स्थित केशव देव मंदिर, भगवान कृष्ण के प्रपौत्र वज्रनाभ द्वारा स्थापित किया गया था। यह मंदिर द्वापर युग से जुड़ा हुआ है और इसकी आस्था सदियों से कायम है। इतिहासकारों के अनुसार, इस मंदिर का कई बार पुनर्निर्माण हुआ है, जिसमें सम्राट चंद्रगुप्त विक्रमादित्य का योगदान भी शामिल है। वर्तमान में, 1958 में इसका आधुनिक रूप सामने आया, जिसे स्वतंत्रता सेनानी हनुमान प्रसाद पोद्दार ने उद्घाटन किया। मंदिर में भगवान कृष्ण की आकर्षक मूर्ति श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर देती है। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, यहां सच्चे मन से प्रार्थना करने पर इच्छाएं पूरी होती हैं। खासतौर पर जन्माष्टमी और अक्षय तृतीया पर यहां भारी भीड़ देखने को मिलती है। केशव देव मंदिर न केवल एक धार्मिक स्थल है, बल्कि यह भारत की सांस्कृतिक विरासत का एक महत्वपूर्ण प्रतीक भी है।
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केशव देव मंदिर मथुरा आने वाले श्रद्धालुओं के लिए एक प्रमुख आस्था का केंद्र है, जो उन्हें अपने आध्यात्मिक जड़ों से जोड़ता है।
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