दिल्ली: एक शहर की 8 बार बसी और उजड़ी कहानी
7 बार उजड़ी, 8 बार बसी... देश का वो शहर, जिसकी कहानी जानकर चौंक जाएंगे

Image: Zee News
दिल्ली, भारत की राजधानी, ने अपने इतिहास में लगभग 7 से 8 बार विनाश और पुनर्निर्माण का सामना किया है। यह शहर 11वीं शताब्दी में तोमर वंश से शुरू होकर, कई राजवंशों और आक्रमणों के बीच अपनी पहचान बनाता रहा। आज दिल्ली एक प्रमुख सांस्कृतिक और राजनीतिक केंद्र है।
- 01दिल्ली का नाम पहले 'ढिल्लिका' था, जिसे तोमर वंश के राजा अनंगपाल ने रखा था।
- 02कुतुबुद्दीन ऐबक और अलाउद्दीन खिलजी जैसे शासकों ने दिल्ली को कई बार नए रूप में बसाया।
- 03तैमूर लंग और नादिर शाह जैसे आक्रमणकारियों ने दिल्ली को भारी नुकसान पहुँचाया, लेकिन शहर हर बार पुनर्निर्माण में सफल रहा।
- 04मुगल बादशाह शाहजहां ने 'शाहजहांनाबाद' का निर्माण किया, जो आज पुरानी दिल्ली के नाम से जाना जाता है।
- 051911 में ब्रिटिश शासन के दौरान दिल्ली को भारत की राजधानी बनाया गया।
Advertisement
In-Article Ad
दिल्ली, जो भारत की राजधानी है, का इतिहास कई राजवंशों और साम्राज्यों के साथ जुड़ा हुआ है। यह शहर लगभग 7 से 8 बार बसा और उजड़ा है, जिससे यह भारत के सबसे ऐतिहासिक शहरों में से एक बन गया है। इसका इतिहास 11वीं शताब्दी में तोमर वंश के राजा अनंगपाल द्वारा 'ढिल्लिका' नाम से शुरू हुआ। इसके बाद कई शासकों ने इसे अपने अनुसार विकसित किया, जैसे कुतुबुद्दीन ऐबक और अलाउद्दीन खिलजी। दिल्ली ने कई आक्रमणों का सामना किया, जैसे तैमूर लंग का हमला, लेकिन हर बार यह शहर नई ताकत के साथ खड़ा हुआ। मुगलों के समय में शाहजहां ने 'शाहजहांनाबाद' का निर्माण किया, और 1911 में इसे ब्रिटिश शासन के तहत राजधानी बनाया गया। आज दिल्ली संस्कृति, व्यापार और राजनीति का प्रमुख केंद्र है।
Advertisement
In-Article Ad
दिल्ली के ऐतिहासिक पुनर्निर्माण ने इसे आज के भारत का एक प्रमुख सांस्कृतिक और राजनीतिक केंद्र बना दिया है।
Advertisement
In-Article Ad
Reader Poll
आप दिल्ली के इतिहास के बारे में कितना जानते हैं?
Connecting to poll...
मूल लेख पढ़ें
पूरी कहानी के लिए मूल स्रोत पर जाएं।


