बंगाल सरकार के नए सर्कुलर पर तृणमूल कांग्रेस ने उठाए सवाल
अधिकारियों ने सरकारी नीतियों की आलोचना की तो खैर नहीं! सरकार के नए सर्कुलर पर मचा भारी बवाल; TMC ने उठाए सवाल

Image: Jagran
बंगाल में मुख्य सचिव मनोज अग्रवाल द्वारा जारी एक नए सर्कुलर ने सरकारी कर्मचारियों के लिए मीडिया में बयान देने और सरकारी नीतियों की आलोचना पर रोक लगा दी है। तृणमूल कांग्रेस ने इसे तानाशाही करार दिया और सरकार पर अभिव्यक्ति की आजादी छीनने का आरोप लगाया है।
- 01सर्कुलर में आईएएस, डब्ल्यूबीसीएस और पुलिस सेवा के सभी सरकारी कर्मचारियों पर मीडिया में बयान देने पर रोक लगाई गई है।
- 02तृणमूल कांग्रेस के महासचिव अभिषेक बनर्जी ने सरकार पर तानाशाही का आरोप लगाया है।
- 03सरकार के इस सर्कुलर के खिलाफ जनता में भारी आक्रोश देखा जा रहा है।
- 04तृणमूल कांग्रेस ने सरकार को अपने फैसले पर पुनर्विचार करने के लिए मजबूर किया है।
- 05यह आदेश 19 मई को जारी किया गया था।
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बंगाल के प्रशासनिक हलकों में एक नए सर्कुलर को लेकर हलचल मची हुई है, जिसे मुख्य सचिव मनोज अग्रवाल ने 19 मई को जारी किया। इस सर्कुलर के अनुसार, आईएएस, डब्ल्यूबीसीएस और पुलिस सेवा के सरकारी कर्मचारियों को मीडिया में बयान देने, बिना अनुमति लेख लिखने, इंटरनेट मीडिया पर सरकारी नीतियों की आलोचना करने और सरकारी दस्तावेज साझा करने से रोका गया है। तृणमूल कांग्रेस ने इस आदेश को तानाशाही करार देते हुए सरकार पर अभिव्यक्ति की आजादी छीनने का आरोप लगाया है। पार्टी ने कहा है कि जनता के भारी आक्रोश के चलते सरकार को अपने फैसले पर पुनर्विचार करने के लिए मजबूर होना पड़ा है।
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यह सर्कुलर सरकारी कर्मचारियों की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को प्रभावित करेगा।
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