जलवायु परिवर्तन से पृथ्वी की धुरी में बदलाव, वैज्ञानिकों ने दी चेतावनी
पिघलती बर्फ और डगमगाती धरती! भयंकर गर्मी के कारण अपनी धुरी से खिसक रही है पृथ्वी, वैज्ञानिकों ने दी बड़ी चेतावनी

Image: Zee News
वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि जलवायु परिवर्तन के कारण पृथ्वी की धुरी खिसक रही है। बर्फ के तेजी से पिघलने से पृथ्वी का संतुलन बिगड़ रहा है, जिससे इसके घूमने की गति प्रभावित हो सकती है। यदि कार्बन उत्सर्जन पर नियंत्रण नहीं किया गया, तो भविष्य में गंभीर परिणाम हो सकते हैं।
- 01पृथ्वी की धुरी पिछले तीन दशकों में तेजी से खिसक रही है, विशेषकर 1995 के बाद से।
- 021995 से 2020 के बीच ध्रुवों के खिसकने की औसत रफ्तार 17 गुना बढ़ गई है।
- 03वैज्ञानिकों के अनुसार, बर्फ के पिघलने से पृथ्वी के घूमने की गति में सूक्ष्म बदलाव आएगा, जो GPS और सैटेलाइट्स पर असर डाल सकता है।
- 04स्विट्जरलैंड की ज्यूरिख यूनिवर्सिटी और नासा के वैज्ञानिकों ने इसे मानवता के लिए एक बड़ा वेक-अप कॉल बताया है।
- 05यदि कार्बन उत्सर्जन पर नियंत्रण नहीं पाया गया, तो आने वाली पीढ़ियों को गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।
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वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि जलवायु परिवर्तन और रिकॉर्ड तोड़ गर्मी के कारण पृथ्वी की धुरी खिसक रही है। नासा और अन्य शोधकर्ताओं के अनुसार, उत्तरी और दक्षिणी ध्रुवों पर बर्फ के तेजी से पिघलने से पृथ्वी का संतुलन बिगड़ रहा है। 1995 के बाद से, ध्रुवों के खिसकने की रफ्तार 17 गुना बढ़ गई है। यह परिवर्तन पृथ्वी के घूमने की गति को प्रभावित कर सकता है, जो GPS और सैटेलाइट्स की टाइमिंग को भी प्रभावित कर सकता है। वैज्ञानिकों ने इसे मानवता के लिए एक चेतावनी के रूप में देखा है, जिसमें कहा गया है कि अगर कार्बन उत्सर्जन पर नियंत्रण नहीं पाया गया, तो भविष्य में गंभीर परिणाम हो सकते हैं।
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जलवायु परिवर्तन के कारण पृथ्वी की धुरी का खिसकना, भविष्य में GPS और सैटेलाइट्स की कार्यप्रणाली को प्रभावित कर सकता है।
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