भारत-चीन व्यापार विवाद: चीन की WTO में नई अपील, भारत की आत्मनिर्भरता पर असर
India China Trade Dispute: भारत की पॉलिसी से घबराया चीन, एक के बाद एक कर रहा पंगे, रोकना चाहता है रास्ता
Nbt NavbharattimesImage: Nbt Navbharattimes
भारत की आत्मनिर्भरता नीतियों से चिंतित चीन ने विश्व व्यापार संगठन (WTO) में भारत के खिलाफ एक नया पैनल गठन करने की अपील की है। यह मामला सौर ऊर्जा और सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में भारत द्वारा दी गई सहायता पर आधारित है, जिसमें चीन ने भेदभाव का आरोप लगाया है।
- 01चीन ने भारत के खिलाफ WTO में पैनल गठन की अपील की है।
- 02भारत अपनी आत्मनिर्भरता नीतियों का बचाव कर रहा है।
- 03व्यापार घाटा 2025-26 में बढ़कर 112.6 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया।
- 04चीन ने पहले भी भारत के खिलाफ WTO में मामले दायर किए हैं।
- 05भारत का रुख आत्मनिर्भरता और राष्ट्रीय सुरक्षा को प्राथमिकता देता है।
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भारत की आत्मनिर्भरता नीतियों के चलते चीन ने विश्व व्यापार संगठन (WTO) में भारत के खिलाफ एक पैनल गठन करने की अपील की है। यह अपील सौर ऊर्जा और सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में भारत द्वारा दी गई सहायता उपायों से संबंधित है। चीन का आरोप है कि भारत ने कुछ तकनीकी उत्पादों पर लगाए गए टैरिफ और घरेलू उत्पादों के उपयोग को बढ़ावा देकर चीनी सामानों के साथ भेदभाव किया है। भारत ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाया है और अपनी PLI योजनाओं और सब्सिडी का बचाव किया है। भारत का कहना है कि यह कदम उसकी आर्थिक संप्रभुता और आत्मनिर्भरता के लिए आवश्यक है। पिछले वित्तीय वर्ष में भारत-चीन व्यापार घाटा बढ़कर 112.6 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया है।
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भारत की आत्मनिर्भरता नीतियों के चलते चीनी उत्पादों पर टैरिफ बढ़ने से भारतीय उपभोक्ताओं को महंगे सामान का सामना करना पड़ सकता है।
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