सुप्रीम कोर्ट ने AAP के सोशल मीडिया अकाउंट निलंबन पर केंद्र से मांगा जवाब
AAP के सोशल मीडिया अकाउंट निलंबन मामले में SC सख्त, केंद्र से मांगा जवाब
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सुप्रीम कोर्ट ने आम आदमी पार्टी (AAP) की गुजरात इकाई की याचिका पर केंद्र से जवाब मांगा है, जिसमें पार्टी के इंटरनेट मीडिया अकाउंट्स के निलंबन को चुनौती दी गई है। कोर्ट ने इस मामले को अन्य लंबित याचिकाओं के साथ जोड़ते हुए सुनवाई की है।
- 01सुप्रीम कोर्ट ने AAP की याचिका पर केंद्र से जवाब मांगा।
- 02याचिका में इंटरनेट मीडिया अकाउंट्स के निलंबन को चुनौती दी गई है।
- 03कोर्ट ने अन्य समान लंबित याचिकाओं के साथ मामले को जोड़ा।
- 04AAP ने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 79 (3)(बी) के उपयोग को चुनौती दी है।
- 05सुनवाई के दौरान वरिष्ठ वकील शादान फरासात ने कानूनी तर्क प्रस्तुत किए।
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सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को आम आदमी पार्टी (AAP) की गुजरात इकाई की याचिका पर केंद्र से जवाब मांगा है, जिसमें पार्टी के इंटरनेट मीडिया अकाउंट्स के निलंबन को चुनौती दी गई है। जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस आलोक आराधे की पीठ ने इस मामले को अन्य समान लंबित याचिकाओं के साथ जोड़ते हुए नोटिस जारी किया। AAP के वरिष्ठ वकील शादान फरासात ने सुनवाई के दौरान तर्क दिया कि अधिकारियों ने जिस सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 79 (3)(बी) को लागू किया, वह इस मामले में प्रभावी नहीं होती। AAP ने कोर्ट से यह भी अनुरोध किया है कि धारा 79 (3)(बी) का उपयोग इंटरनेट मीडिया अकाउंट को बंद करने में नहीं किया जा सकता।
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यह मामला AAP के सोशल मीडिया गतिविधियों पर प्रभाव डाल सकता है, जो पार्टी की राजनीतिक रणनीतियों के लिए महत्वपूर्ण है।
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