पलामू में दालचीनी का घी: प्राचीन पद्धति से तैयार, स्वास्थ्य के लिए लाभकारी
पलामू में बन रहा दालचीनी का घी, 2 महीने की शतसिद्ध पद्धति से तैयार, जोड़ों के दर्द और दमा में फायदेमंद

Image: News 18 Hindi
पलामू में दालचीनी का घी एक प्राचीन विधि से तैयार किया जा रहा है, जो जोड़ों के दर्द, दमा और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं में फायदेमंद है। इसे ‘शतसिद्ध पद्धति’ से लगभग दो महीने में बनाया जाता है।
- 01दालचीनी का घी जोड़ों के दर्द, गठिया और साइटिका में फायदेमंद है।
- 02इस घी को दांतों के दर्द और मुंह की दुर्गंध में भी उपयोग किया जा सकता है।
- 03घी बनाने की प्रक्रिया ‘शतसिद्ध पद्धति’ से होती है, जिसमें लगभग दो महीने का समय लगता है।
- 0460 एमएल दालचीनी घी की कीमत ₹800 है।
- 05यह घी प्राचीन आयुर्वेदिक परंपरा को जीवित रखने का प्रयास है।
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पलामू में दालचीनी का घी एक प्राचीन आयुर्वेदिक पद्धति से तैयार किया जा रहा है, जिसे लोग धीरे-धीरे भूलते जा रहे हैं। शिव कुमार पांडे के अनुसार, यह घी विशेष प्रक्रिया से बनाया जाता है, जिससे दालचीनी के सभी गुण घी में समाहित हो जाते हैं। इसे जोड़ों के दर्द, गठिया, साइटिका, और अन्य शारीरिक दर्द में राहत देने के लिए जाना जाता है। इसके अलावा, यह दांतों के दर्द, पायरिया, और खांसी जैसी समस्याओं में भी लाभकारी है। दालचीनी का घी बनाने की प्रक्रिया ‘शतसिद्ध पद्धति’ से होती है, जिसमें लगभग दो महीने का समय लगता है। वर्तमान में 60 एमएल दालचीनी घी की कीमत ₹800 है। पांडे का कहना है कि यह केवल एक उत्पाद नहीं है, बल्कि प्राचीन आयुर्वेदिक परंपरा को जीवित रखने का प्रयास है। इच्छुक लोग उनसे संपर्क कर इस विशेष दालचीनी घी को खरीद सकते हैं।
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दालचीनी का घी स्थानीय स्वास्थ्य समस्याओं के समाधान में मदद कर सकता है।
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