उत्तर प्रदेश चुनाव 2022: ओवैसी का गठबंधन और अखिलेश यादव की चुनौती
UP Elections: बीएसपी या भीम आर्मी से गठबंधन? क्या अखिलेश यादव के लिए 'हुमायूं कबीर' बनेंगे असदुद्दीन ओवैसी
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असदुद्दीन ओवैसी, जो पश्चिम बंगाल में चुनावी असफलता का सामना कर चुके हैं, उत्तर प्रदेश चुनाव 2022 में बीएसपी या भीम आर्मी के साथ गठबंधन पर विचार कर रहे हैं। यदि ऐसा हुआ, तो यह समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव के लिए एक बड़ी चुनौती बन सकती है।
- 01असदुद्दीन ओवैसी ने पश्चिम बंगाल में चुनावी असफलता का सामना किया है।
- 02उत्तर प्रदेश में मुस्लिम वोट बैंक को लेकर राजनीतिक अटकलें तेज हैं।
- 03बीएसपी या भीम आर्मी के साथ गठबंधन से ओवैसी की स्थिति मजबूत हो सकती है।
- 042017 में ओवैसी की पार्टी ने 38 सीटों पर चुनाव लड़ा था और सभी पर हार का सामना किया।
- 05उत्तर प्रदेश में मुस्लिम आबादी का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो चुनाव परिणामों को प्रभावित कर सकता है।
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असदुद्दीन ओवैसी (एआईएमआईएम प्रमुख) ने पश्चिम बंगाल में चुनावी असफलता के बाद अब उत्तर प्रदेश चुनाव 2022 में बीएसपी या भीम आर्मी के साथ गठबंधन करने पर विचार किया है। पिछले चुनावों में उनकी पार्टी को निराशाजनक परिणाम मिले थे, जिसमें 2017 में 38 सीटों पर चुनाव लड़ने के बावजूद सभी पर हार का सामना करना पड़ा था। हाल के विधानसभा चुनावों में बीएसपी के पूर्व नेता नसीमउद्दीन सिद्दीकी के समाजवादी पार्टी में शामिल होने को ओवैसी के लिए खतरे के रूप में देखा जा रहा है। यदि ओवैसी ने बीएसपी या आजाद समाज पार्टी के साथ गठबंधन किया, तो यह अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी के लिए एक बड़ी चुनौती बन सकता है। उत्तर प्रदेश में मुस्लिम आबादी लगभग 19% है, और कई सीटों पर उनका प्रभाव महत्वपूर्ण है। यह देखना दिलचस्प होगा कि ओवैसी की रणनीति कैसे काम करती है।
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यदि ओवैसी बीएसपी या भीम आर्मी के साथ गठबंधन करते हैं, तो यह मुस्लिम वोटरों के लिए एक महत्वपूर्ण विकल्प बन सकता है, जो चुनाव परिणामों को प्रभावित कर सकता है।
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