राजस्थान में रेतीले तूफान ने जनजीवन को प्रभावित किया
राजस्थान में रेतीले बवंडर का कहर, दिन में छाया अंधेरा
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राजस्थान के उत्तर-पश्चिमी हिस्से में आए रेतीले तूफान ने श्रीगंगानगर, बीकानेर, चूरू, हनुमानगढ़ और सीकर जिलों में जनजीवन को बाधित कर दिया। तेज हवाओं के कारण दृश्यता कम हो गई और प्रशासन ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है।
- 01रेतीले तूफान ने लगभग 200 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र को प्रभावित किया।
- 02हवा की गति 60 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे रही, जिससे दृश्यता में कमी आई।
- 03तूफान के कारण कई पेड़ जड़ से उखड़ गए और बिजली के खंभों को नुकसान पहुंचा।
- 04स्थानीय निवासियों ने पहले कभी इतना व्यापक रेतीला तूफान नहीं देखा।
- 05मौसम विभाग ने लोगों को घरों से बाहर न निकलने की सलाह दी है।
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राजस्थान के उत्तर-पश्चिमी हिस्से में आए भीषण रेतीले तूफान ने जनजीवन को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। श्रीगंगानगर, बीकानेर, चूरू, हनुमानगढ़ और सीकर जिलों में दिन के समय अंधेरा छा गया, जिससे लोगों को वाहनों की हेडलाइट जलाकर चलना पड़ा। यह तूफान हनुमानगढ़ और श्रीगंगानगर से शुरू होकर आसपास के क्षेत्रों में तेजी से फैल गया। तेज हवाओं की गति 60 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे रही, जिससे दृश्यता में भारी कमी आई। तूफान के कारण कई पेड़ और बिजली के खंभे भी क्षतिग्रस्त हुए हैं। स्थानीय निवासियों ने बताया कि धूल का गुबार 80 से 100 फीट तक ऊंचा था। राहत की बात यह है कि किसी जनहानि की सूचना नहीं मिली है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, यह तूफान पाकिस्तान से उठी धूलभरी हवाओं के कारण आया। प्रशासन ने लोगों को सावधानी बरतने और मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी है।
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तूफान ने स्थानीय जनजीवन को बाधित किया, जिससे लोगों को सुरक्षित स्थानों की ओर भागना पड़ा।
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