उत्तर प्रदेश में शिक्षामित्रों ने कैशलेस चिकित्सा सुविधा की मांग की
यूपी में शिक्षामित्रों ने कैशलेस इलाज की सुविधा की उठाई मांग, अपर मुख्य सचिव से की मुलाकात
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उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के प्रतिनिधिमंडल ने बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों से मुलाकात कर शिक्षामित्रों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा लागू करने की मांग की। उन्होंने बताया कि इस सुविधा की औपचारिकताएं लंबित हैं, जिससे शिक्षामित्रों को समय पर इलाज नहीं मिल पा रहा है।
- 01शिक्षामित्रों ने कैशलेस चिकित्सा सुविधा की मांग की है।
- 02इस सुविधा से जुड़ी औपचारिकताएं अभी तक लंबित हैं।
- 03गंभीर बीमारियों से जूझ रहे शिक्षामित्रों को समय पर इलाज नहीं मिल रहा है।
- 04प्रतिनिधिमंडल ने स्थानांतरण के मुद्दे को भी उठाया।
- 05अधिकारियों से प्रक्रिया को प्राथमिकता देने का आग्रह किया गया।
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उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के प्रदेश अध्यक्ष शिव कुमार शुक्ला के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने बेसिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव पार्थी सेन शर्मा और निदेशक प्रताप सिंह बघेल से मुलाकात की। इस बैठक में शिक्षामित्रों की समस्याओं पर चर्चा की गई, जिसमें प्रमुख रूप से कैशलेस चिकित्सा सुविधा की मांग की गई। शिक्षामित्रों का कहना है कि इस सुविधा से जुड़ी सभी औपचारिकताएं लंबित हैं, जिससे गंभीर बीमारियों से जूझ रहे शिक्षामित्रों को समय पर इलाज नहीं मिल पा रहा है। प्रतिनिधिमंडल ने अधिकारियों से आग्रह किया कि इस प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर जल्द पूरा किया जाए। इसके साथ ही, शिक्षामित्रों के स्थानांतरण, विशेषकर मूल विद्यालय में वापसी के मुद्दे पर भी चर्चा की गई।
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यदि कैशलेस चिकित्सा सुविधा लागू होती है, तो शिक्षामित्रों को गंभीर बीमारियों का इलाज समय पर मिल सकेगा, जिससे उनकी स्वास्थ्य स्थिति में सुधार होगा।
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