झारखंड में पोस्टमार्टम के लिए वसूली पर जांच, गुमला मामले में हाईकोर्ट का सख्त रुख
चतरा में पोस्टमार्टम के लिए वसूले थे 5 हजार, जांच के आदेश जारी, उधर गुमला केस पर सख्त हाईकोर्ट
Nbt NavbharattimesImage: Nbt Navbharattimes
झारखंड के चतरा जिले में एक महिला और उसकी बेटी के शव के पोस्टमार्टम के लिए परिजनों से ₹5000 की वसूली के आरोपों की जांच शुरू की गई है। वहीं, गुमला में लापता नाबालिग लड़की के मामले में झारखंड उच्च न्यायालय ने सरकार को दो सप्ताह का समय दिया है।
- 01चतरा में पोस्टमार्टम के लिए ₹5000 वसूली का आरोप
- 02जांच के लिए चार-सदस्यीय समिति का गठन
- 03गुमला में लापता लड़की के मामले में हाईकोर्ट ने दी डेडलाइन
- 04पुलिस की जांच में धीमी प्रगति पर हाईकोर्ट ने चिंता व्यक्त की
- 05झारखंड में अन्य लापता बच्चों को खोजने में भी पुलिस नाकाम
Advertisement
In-Article Ad
झारखंड के चतरा जिले में एक महिला और उसकी बेटी के शव के पोस्टमार्टम के लिए परिजनों से ₹5000 की वसूली का मामला सामने आया है। उपायुक्त रवि आनंद ने इस मामले की जांच के लिए एक चार-सदस्यीय समिति का गठन किया है। समिति को 24 घंटे के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है। वहीं, गुमला में एक नाबालिग लड़की के लापता होने के मामले में झारखंड उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार को दो सप्ताह का समय दिया है। अदालत ने चेतावनी दी है कि अगर मामले में कोई ठोस प्रगति नहीं हुई, तो इसे केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को सौंपा जा सकता है। अदालत ने पुलिस की जांच की धीमी गति पर भी चिंता व्यक्त की है, जिसमें पिछले सात सालों में पुलिस लापता लड़की का पता लगाने में असमर्थ रही है।
Advertisement
In-Article Ad
इस जांच से स्थानीय लोगों को न्याय की उम्मीद है और यह सुनिश्चित करेगा कि सरकारी सेवाओं का दुरुपयोग न हो।
Advertisement
In-Article Ad
Reader Poll
क्या आपको लगता है कि सरकारी सेवाओं में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए?
Connecting to poll...
मूल लेख पढ़ें
पूरी कहानी के लिए मूल स्रोत पर जाएं।




