मदरसों में संविधान और कानून की पढ़ाई शुरू, नई किताब का विमोचन
मदरसों के छात्र अब करेंगे संविधान-कानून की पढ़ाई, JUH ने शुरू की नई पहल
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उत्तर प्रदेश में मदरसों के छात्रों के लिए एक नई पहल के तहत अब उन्हें संविधान और कानून की जानकारी दी जाएगी। जमीयत उलेमा-ए-हिंद के कानूनी सलाहकार मौलाना काब रशीदी ने 'भारतीय धर्म: एक प्राकृतिक अध्ययन' नामक किताब लॉन्च की है, जिसका उद्देश्य छात्रों को उनके अधिकारों और जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करना है।
- 01मदरसों में छात्रों को संविधान और कानून की पढ़ाई शुरू की गई है।
- 02मौलाना काब रशीदी ने 'भारतीय धर्म: एक प्राकृतिक अध्ययन' किताब लिखी है।
- 03इस किताब में नागरिकों के अधिकार और जिम्मेदारियों को सरल भाषा में समझाया गया है।
- 04यह पहल मदरसों में आधुनिक शिक्षा को बढ़ावा देने का एक अहम कदम है।
- 05किताब को मदरसों के सिलेबस में शामिल करने के लिए अभियान चलाया जाएगा।
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उत्तर प्रदेश में मदरसों में पढ़ने वाले बच्चों को अब केवल धार्मिक शिक्षा नहीं, बल्कि देश के संविधान और कानून की जानकारी भी दी जाएगी। जमीयत उलेमा-ए-हिंद के कानूनी सलाहकार मौलाना काब रशीदी ने इस दिशा में एक नई किताब 'भारतीय धर्म: एक प्राकृतिक अध्ययन' लॉन्च की है। इस किताब का उद्देश्य मदरसों के छात्रों को उनके अधिकारों और जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करना है। किताब में भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन, संविधान की प्रस्तावना, मौलिक अधिकार, मौलिक कर्तव्य और न्यायिक व्यवस्था जैसे विषयों को सरल भाषा में समझाया गया है। मौलाना काब रशीदी ने कहा कि यह पहल मदरसों में आधुनिक शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि किताब को देशभर के मदरसों के पाठ्यक्रम में शामिल कराने के लिए एक अभियान चलाया जाएगा।
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यह पहल मदरसों के छात्रों को उनके अधिकारों और जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करके उन्हें बेहतर नागरिक बनाने में मदद करेगी।
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