केंद्र सरकार परिसीमन और एक राष्ट्र-एक चुनाव विधेयक पर फिर से जोर दे रही है
परिसीमन विधेयक को फिर से लाने की तैयारी में केंद्र सरकार, वन नेशन-वन इलेक्शन बिल का भी टारगेट
Nbt NavbharattimesImage: Nbt Navbharattimes
केंद्र सरकार परिसीमन विधेयक को फिर से पेश करने की योजना बना रही है, जबकि 'एक राष्ट्र-एक चुनाव' विधेयक को भी अंतिम रूप दिया जा रहा है। भाजपा, पश्चिम बंगाल में हालिया चुनावी जीत से उत्साहित, विपक्षी दलों के साथ बातचीत करने की कोशिश कर रही है।
- 01केंद्र सरकार एक नया परिसीमन विधेयक तैयार कर रही है, जो 2029 के लोकसभा चुनावों से पहले लाया जाएगा।
- 02भाजपा ने पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों में टीएमसी को हारने के बाद अपनी रणनीति को फिर से तैयार किया है।
- 03कांग्रेस ने सरकार से उचित प्रक्रिया का पालन करने और सभी राजनीतिक दलों से परामर्श करने की मांग की है।
- 04एक राष्ट्र-एक चुनाव विधेयक की समीक्षा 39 सदस्यीय संयुक्त संसदीय समिति द्वारा की जा रही है।
- 05डीएमके की हार के बाद कुछ नेता भाजपा के साथ बातचीत के लिए तैयार हैं।
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केंद्र सरकार एक बार फिर से परिसीमन विधेयक को संसद में लाने की तैयारी कर रही है, जिसका उद्देश्य 2029 के लोकसभा चुनावों से पहले इसे पारित कराना है। भाजपा, जो हाल ही में पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों में टीएमसी को हराने के बाद उत्साहित है, अब विपक्षी दलों के साथ जोड़-तोड़ की राजनीति में जुटी हुई है। कांग्रेस ने सरकार से आग्रह किया है कि किसी भी कदम को उठाने से पहले उचित प्रक्रिया का पालन किया जाए और सभी राजनीतिक दलों से परामर्श किया जाए। इस बीच, 'एक राष्ट्र-एक चुनाव' विधेयक को भी औपचारिक रूप देने की प्रक्रिया चल रही है, जो वर्तमान में 39 सदस्यीय संयुक्त संसदीय समिति द्वारा समीक्षा की जा रही है। इस विधेयक में जल्द ही संशोधन किया जाएगा और इसकी रिपोर्ट मानसून सत्र के अंतिम सप्ताह में प्रस्तुत की जाएगी।
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अगर परिसीमन विधेयक पारित होता है, तो यह विभिन्न राज्यों में चुनावी समीकरणों को प्रभावित कर सकता है।
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