पश्चिम बंगाल-बांग्लादेश सीमा पर बीएसएफ को जमीन मिलने से घुसपैठ पर लगेगी रोक
बीएसएफ को जमीन मिलने से पश्चिम बंगाल-बांग्लादेश बॉर्डर की सुरक्षा होगी और मजबूत, नहीं हो सकेगी घुसपैठ
Nbt NavbharattimesImage: Nbt Navbharattimes
पश्चिम बंगाल में बीएसएफ को 45 दिनों में जमीन देने की घोषणा के बाद, बांग्लादेश से लगती सीमा पर फेंसिंग का काम तेजी से होगा। इससे घुसपैठ की घटनाओं में कमी आएगी, जो पिछले वर्षों में बढ़ी थीं।
- 01बीएसएफ को 45 दिनों में जमीन देने की घोषणा की गई है।
- 02पश्चिम बंगाल से बांग्लादेश की सीमा 2216.7 किलोमीटर लंबी है।
- 03फेंसिंग न होने के कारण घुसपैठ की घटनाएं बढ़ी थीं।
- 042023 में 1547 और 2024 में 1694 घुसपैठिए पकड़े गए।
- 05सुरक्षा के लिए स्मार्ट एंटी कट फेंसिंग और ड्रोन का उपयोग किया जाएगा।
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पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में बनी बीजेपी सरकार ने बीएसएफ को 45 दिनों में जमीन देने की घोषणा की है। इससे बांग्लादेश से लगती 2216.7 किलोमीटर लंबी सीमा पर फेंसिंग का काम तेज होगा। पिछले साल, ममता बनर्जी के शासन में, केवल 78 किलोमीटर जमीन दी गई थी, जबकि 378 किलोमीटर जमीन के लिए कई बार अनुरोध किए गए थे। बिना फेंसिंग के, घुसपैठ की घटनाएं बढ़ रही थीं, जिसमें 2023 में 1547 और 2024 में 1694 घुसपैठिए पकड़े गए। अब, फेंसिंग के लिए स्मार्ट एंटी कट फेंसिंग और एआई तकनीक से लैस कैमरे और ड्रोन का उपयोग किया जाएगा। इससे सीमा पर सुरक्षा में सुधार होगा और अवैध घुसपैठ पर रोक लगेगी।
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बीएसएफ को जमीन मिलने से बांग्लादेश से लगती सीमा पर फेंसिंग का काम शुरू होगा, जिससे स्थानीय निवासियों की सुरक्षा बढ़ेगी और अवैध घुसपैठ में कमी आएगी।
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