भारत की विकास दर 6.5 प्रतिशत, वैश्विक मंदी के बीच मजबूत अर्थव्यवस्था
वैश्विक मंदी के बीच राहत की खबर: भारत बना सबसे मजबूत अर्थव्यवस्था, 6.5 फीसदी रह सकती है विकास दर

Image: Jagran
वैश्विक आर्थिक विकास धीमा होने की उम्मीद के बीच, भारत को वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के सर्वे में सबसे मजबूत अर्थव्यवस्था के रूप में देखा गया है। 2026-27 में भारत की विकास दर 6.5 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जबकि 94 प्रतिशत अर्थशास्त्री वैश्विक महंगाई में वृद्धि की आशंका जता रहे हैं।
- 01डब्ल्यूईएफ के सर्वे के अनुसार, 90% अर्थशास्त्री मानते हैं कि वैश्विक विकास धीमा होगा।
- 02सर्वे में 13% अर्थशास्त्री वैश्विक मंदी की संभावना को लेकर चिंतित हैं।
- 0394% अर्थशास्त्री मानते हैं कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद होने से वैश्विक महंगाई बढ़ेगी।
- 04भारत की विकास दर 2026-27 में 6.5% रहने का अनुमान है।
- 05भारत और अमेरिका की घरेलू मांग और निवेश के सहारे मजबूत रहने की उम्मीद है।
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नई दिल्ली से आई रिपोर्ट के अनुसार, वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (डब्ल्यूईएफ) के ताजा 'चीफ इकोनॉमिस्ट्स आउटलुक' में यह बताया गया है कि वैश्विक आर्थिक विकास अगले साल धीमा होने की संभावना है। सर्वे में शामिल लगभग 90% अर्थशास्त्री इस बात पर सहमत हैं कि वैश्विक विकास में कमी आएगी, जबकि केवल 13% को वैश्विक मंदी की आशंका है। सर्वे में यह भी कहा गया है कि 94% अर्थशास्त्री मानते हैं कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बंद होने से वैश्विक महंगाई में वृद्धि होगी, जिससे खाद्य और ऊर्जा की कीमतें बढ़ेंगी। इस संकट का सबसे अधिक असर पश्चिम एशिया और उत्तरी अफ्रीका पर पड़ने की संभावना है। इसके विपरीत, भारत और अमेरिका की घरेलू मांग और निवेश के कारण अपेक्षाकृत मजबूत रहने की उम्मीद है। भारत के लिए, सर्वे में 2026-27 में विकास दर 6.5% रहने का अनुमान लगाया गया है, जो इसे वैश्विक मंदी के बीच एक उज्ज्वल स्थान बनाता है।
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भारत की अपेक्षाकृत मजबूत विकास दर वैश्विक मंदी के बीच निवेशकों और व्यापारियों के लिए सकारात्मक संकेत है।
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