आगरा विश्वविद्यालय में छात्रों का गुस्सा: परीक्षा परिणाम और मान्यता पर उठे सवाल
Agra University: कभी रिजल्ट में गड़बड़ी, कभी मान्यता पर सवाल; DBRAU की लापरवाही पर छात्रों का फूटा गुस्सा
Amar Ujala
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आगरा विश्वविद्यालय में विधि पाठ्यक्रम के परिणाम में गड़बड़ी के चलते 80 प्रतिशत छात्रों को फेल कर दिया गया, जिससे छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया। ओएमआर शीट की जांच में कई छात्र पास पाए गए, लेकिन परीक्षा का पुनः आयोजन अब तक नहीं हुआ। छात्रों ने प्रशासनिक लापरवाही और मान्यता की कमी पर भी सवाल उठाए हैं।
- 01विधि पाठ्यक्रम के परिणाम में 80 प्रतिशत छात्रों को फेल किया गया।
- 02छात्रों ने ओएमआर शीट की दोबारा जांच कराई, जिसमें कई पास पाए गए।
- 03फरवरी में परीक्षा कराने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अब तक परीक्षा नहीं हुई।
- 04बीपीएड छात्रों ने अंक कम देने का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया।
- 05फार्म-डी पाठ्यक्रम की मान्यता नहीं होने से छात्रों को समस्या का सामना करना पड़ा।
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आगरा विश्वविद्यालय (DBRAU) में विधि पाठ्यक्रम के परिणामों को लेकर विवाद खड़ा हो गया है, जिसमें लगभग 80 प्रतिशत छात्रों को फेल कर दिया गया। छात्रों ने ओएमआर शीट की दोबारा जांच कराई, जिसमें कई छात्रों को पास पाया गया, लेकिन विश्वविद्यालय ने अब तक परीक्षा का पुनः आयोजन नहीं किया। छात्रों ने आरोप लगाया कि जानबूझकर कम अंक दिए गए हैं। इसके अलावा, बीपीएड छात्रों ने अंक कम देने के खिलाफ प्रदर्शन किया। विश्वविद्यालय की एक और गलती तब सामने आई जब परिणाम में छात्रों की जाति प्रदर्शित कर दी गई। इस पर भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। सत्र 2025-26 में फार्म-डी पाठ्यक्रम की मान्यता की कमी ने भी छात्रों को समस्याओं में डाल दिया। विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक डॉ. ओमप्रकाश ने कहा कि सभी मुद्दों पर निर्णय छात्रों के हित में लिए जाते हैं।
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छात्रों को परीक्षा परिणामों और मान्यता की समस्याओं के कारण मानसिक तनाव और भविष्य की पढ़ाई में बाधा का सामना करना पड़ रहा है।
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