स्कूलों में बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य के लिए नई गाइडलाइन का प्रस्ताव
स्कूलों से ही बच्चों को तनाव मुक्त रहने की दी जाएगी सीख, प्रत्येक बच्चे पर रहेगी निगाह
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भारत के शिक्षा मंत्रालय ने बच्चों में तनाव को कम करने के लिए नई गाइडलाइन तैयार करने की प्रक्रिया शुरू की है। इस योजना के तहत स्कूलों में बच्चों की मानसिक स्वास्थ्य पर नजर रखी जाएगी और शिक्षकों को इस संबंध में प्रशिक्षण दिया जाएगा। गाइडलाइन जून के पहले हफ्ते में जारी होने की उम्मीद है।
- 01शिक्षा मंत्रालय ने बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य के लिए नई गाइडलाइन पर काम शुरू किया है।
- 02स्कूलों में प्रत्येक बच्चे पर नजर रखी जाएगी और शिक्षकों को मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित प्रशिक्षण दिया जाएगा।
- 03गाइडलाइन में तनाव के विभिन्न कारणों, जैसे साइबर बुलिंग और मोबाइल उपयोग, पर ध्यान दिया जाएगा।
- 04गाइडलाइन जून के पहले हफ्ते में जारी होने की उम्मीद है।
- 05माता-पिता और संरक्षणकर्ताओं के साथ लगातार बैठकों का आयोजन किया जाएगा।
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भारत के शिक्षा मंत्रालय ने बच्चों में बढ़ते तनाव के मामलों को देखते हुए नई गाइडलाइन तैयार करने की प्रक्रिया शुरू की है। इस गाइडलाइन का उद्देश्य स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देना है। इसमें न केवल बच्चों की निगरानी की जाएगी, बल्कि शिक्षकों को भी मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि वे तनाव ग्रस्त बच्चों को पहचान सकें। पिछले कुछ वर्षों में पढ़ाई के तनाव और साइबर बुलिंग के मामलों में वृद्धि हुई है, जिसे ध्यान में रखते हुए गाइडलाइन में इन पहलुओं पर भी ध्यान दिया जाएगा। शिक्षा मंत्रालय ने बताया है कि गाइडलाइन जून के पहले हफ्ते में जारी होने की उम्मीद है। इसके साथ ही माता-पिता और संरक्षणकर्ताओं के साथ लगातार बैठकों का आयोजन किया जाएगा, ताकि बच्चों में देखे जाने वाले बदलावों पर चर्चा की जा सके।
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यह गाइडलाइन बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद करेगी, जिससे स्कूलों में पढ़ाई का माहौल सुधरेगा।
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