उत्तर प्रदेश की हरित ऊर्जा पहल: विकास में तेजी लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
Opinion: हरित ऊर्जा से विकास को मिल रही रफ्तार, ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था में बनेगी मददगार!
Nbt NavbharattimesImage: Nbt Navbharattimes
उत्तर प्रदेश ने हरित ऊर्जा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण प्रगति की है, जिसमें सौर ऊर्जा की क्षमता में 1150% की वृद्धि शामिल है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में, राज्य ने नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों की ओर बढ़ते हुए एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को मजबूत किया है।
- 01उत्तर प्रदेश की सौर ऊर्जा क्षमता 5000 मेगावॉट तक पहुंची।
- 022027 तक 22,000 मेगावॉट सौर ऊर्जा का लक्ष्य।
- 03हर तहसील में एक बायोएनर्जी संयंत्र स्थापित करने का लक्ष्य।
- 04रूफटॉप सोलर से बिजली बिल में 90% तक कमी।
- 05महिलाओं और युवाओं को ऊर्जा क्षेत्र में सशक्त बनाने की योजनाएं।
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उत्तर प्रदेश ने जलवायु और स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण प्रगति की है, जो 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को पूरा करने में सहायक होगी। राज्य की सौर ऊर्जा क्षमता पिछले 8 वर्षों में 1150% बढ़कर 5000 मेगावॉट से अधिक हो गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में, राज्य ने थर्मल और हाइड्रो इलेक्ट्रिसिटी पर निर्भरता कम करते हुए नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों की ओर कदम बढ़ाया है। 2022 की सौर नीति के तहत, 2027 तक 22,000 मेगावॉट का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें सब्सिडी और आसान प्रक्रियाएं शामिल हैं। किसानों को सौर पंपों का लाभ मिल रहा है और बायोगैस नीति से प्राकृतिक गैस के विकल्प के रूप में कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG) को बढ़ावा मिल रहा है। इसके अलावा, महिलाओं और युवाओं को इस क्षेत्र में सशक्त बनाने के लिए कई योजनाएं चल रही हैं। यह पहल न केवल ऊर्जा क्षेत्र में सुधार ला रही है, बल्कि लोगों की जिंदगी में भी सकारात्मक बदलाव कर रही है।
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हरित ऊर्जा पहलों से उत्तर प्रदेश में लोगों की जीवन गुणवत्ता में सुधार हो रहा है, जिससे परिवारों की बचत बढ़ रही है और रोजगार के नए अवसर उत्पन्न हो रहे हैं।
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