रेलवे का नया एआई सिस्टम: टिकट कन्फर्मेशन की सटीकता 94% तक बढ़ी
Indian railway updates : एआई बताएगा टिकट कंफर्म होगा या नहीं, अब हाइटेक हो जाएगा रिजर्वेशन सिस्टम
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भारतीय रेलवे ने अपनी 40 साल पुरानी पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम को आधुनिक बनाने का निर्णय लिया है। नए एआई आधारित सिस्टम से वेटिंग टिकट के कन्फर्म होने की संभावना 94% तक बढ़ गई है। यह बदलाव अगस्त से चरणबद्ध तरीके से लागू होगा, जिससे यात्रियों को बेहतर अनुभव मिलेगा।
- 01रेलवे ने 40 साल पुरानी रिजर्वेशन प्रणाली को आधुनिक बनाने का निर्णय लिया है।
- 02नया एआई आधारित सिस्टम वेटिंग टिकट के कन्फर्म होने की संभावना को 94% तक बढ़ाएगा।
- 03रेल-वन ऐप के जरिए रोजाना 9.29 लाख टिकट बुक हो रहे हैं।
- 04यात्रियों को 2024-25 में 60,239 करोड़ रुपये की सब्सिडी दी जाएगी।
- 05नई प्रणाली अधिक तेज, सुरक्षित और क्षमता वाली होगी।
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भारतीय रेलवे अपनी 40 साल पुरानी पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम (पीआरएस) को आधुनिक बनाने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है। अगस्त से शुरू होने वाले इस अपग्रेड में एआई आधारित 'कन्फर्मेशन प्रेडिक्शन' की सुविधा जोड़ी जाएगी, जिससे यात्रियों को अपनी वेटिंग टिकट के कन्फर्म होने की संभावना 94% तक जानने का मौका मिलेगा। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि यात्रियों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। रेलवे का दावा है कि यह नया सिस्टम अधिक तेज, सुरक्षित और क्षमता वाला होगा, जिससे टिकट बुकिंग के दौरान सर्वर पर दबाव कम होगा। इसके अलावा, रेल-वन ऐप के माध्यम से रोजाना 9.29 लाख टिकट बुक हो रहे हैं, जिससे यात्रियों की निर्भरता काउंटरों पर कम हो रही है। रेलवे ने 2024-25 में यात्रियों को 60,239 करोड़ रुपये की सब्सिडी देने की योजना बनाई है।
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यात्रियों को अब टिकट कन्फर्मेशन की अधिक सटीक जानकारी मिलेगी, जिससे यात्रा की योजना बनाना आसान होगा।
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